ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल की गाड़ी को बैन करने के लिए कोई डेडलाइन नहीं

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(22 अगस्त): मंदी की मार झेल रही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को सरकार की तरफ से एक राहत मिली है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां सड़कों पर उतारने या पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को बैन करने के लिए कोई डेडलाइन तय नहीं की जाएगी। नीति आयोग की ड्राफ्ट गाइडलाइंस में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को हटाने की एक समय सीमा तय करने के बारे में पूछने पर गडकरी ने बताया कि उनकी मिनिस्ट्री ने इसके लिए किसी डेडलाइन का प्रपोजल नहीं दिया है। गडकरी ने बुधवार को कहा, 'इलेक्ट्रिक वीइकल्स के लिए कोई डेडलाइन तय नहीं की जाएगी। बहुत सी राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक बसें खरीद रही हैं और ये बदलाव समय के साथ होगा।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाइवेज मिनिस्ट्री डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर रोक लगाने के लिए नीति आयोग की ओर से प्रस्तावित समय सीमा को लागू करने पर विचार नहीं कर रही। हालांकि, मिनिस्ट्री की ओर से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रोत्साहन मिलना जारी रहेगा। मिनिस्ट्री ने पिछले महीने राज्य सरकारों को एक एडवाइजरी जारी कर रोड टैक्स में छूट देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीन आवंटन करने के जरिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इंसेंटिव देने को कहा था। इस साल जून में नीति आयोग के चीफ एग्जिक्युटिव अमिताभ कांत की अगुवाई वाली एक कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में देश में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लाने और इन गाड़ियों की कॉस्ट को कम करने के लिए बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरियां लगाने का रोडमैप दिया था। 

कमिटी ने गाड़ियों की विभिन्न कैटिगरी को इलेक्ट्रिक गाड़ियों से बदलने के लिए समयसीमा दी थी। इसके अनुसार सभी थ्री-वीलर और 150cc से कम के टू वीलर्स को क्रमश: 2023 और 2025 तक इलेक्ट्रिक होने की जरूरत बताई गई थी। ऑटोमोबाइल सेक्टर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि नीति आयोग के ड्राफ्ट प्रपोजल में ऑटोमोबाइल कंपोनेंट इंडस्ट्री पर असर का ध्यान नहीं रखा गया है।अधिकारी ने बताया, 'साउथ ईस्ट एशिया में टू वीलर सेगमेंट में भारत अग्रणी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से लगभग 11 पर्सेंट GST आता है और यह सेक्टर देश के GDP में तभी 7 पर्सेंट का योगदान देता है। हम कोई डेडलाइन तय नहीं कर रहे। हालांकि, हम इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इंसेंटिव देना जारी रखेंगे।