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पुरानी कारों की बिक्री से नई कारों की मांग पर पड़़ रहा भारी असर, जानें इसकी वजह

भारतीय बाजारों में नई चौपहिया कारों के मुकाबले, पुरानी कारों की बिक्री ज्यादा बढ़ी है। इससे नई कार की मांग प्रभावित हो रही है।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(26 जून): भारतीय बाजारों में नई चौपहिया कारों के मुकाबले, पुरानी कारों की बिक्री ज्यादा बढ़ी है। इससे नई कार की मांग प्रभावित हो रही है। सियाम के अनुसार, मई महीने में यात्री कारों की बिक्री में 20% की कमी आई जो पिछले 18 साल में सबसे बड़ी गिरावट थी। नई कारों की मांग में कमी का सिलसिला कई महीनों से जारी है।

ऑटो इंडस्ट्री की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में नई करों की बिक्री में सिर्फ 3 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं इस दौरान पुरानी कारों की बिक्री 10 से 12 फीसदी बढ़ी। ऑटो विशेषज्ञों के मुताबिक पुरानी कारों की बिक्री बढ़ने की वजह मध्यमवर्ग का दायरा बढ़ने के साथ कम बजट में अच्छी गाड़ियां बाजार में उपलब्ध होना है। बैंकों से लोन की आसान उपलब्धता भी पुरानी कार की मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे नई कार की मांग घटी है। विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान भी नई कारों की बिक्री कम रह सकती है।

वित्त वर्ष         नई कारों की बिक्री    पुरानी कारों की बिक्री2016-17             28 लाख                33 लाख    2017-18             30 लाख                36 लाख2018-19             34 लाख                40 लाखनई से 1.2 गुना बढ़ा है बाजार

जेएम फाइनेंशियल की पुरानी कार पर तैयार रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में यूज्ड कार का बाजार नई कार से 1.2 गुना बढ़ा है। लेकिन अभी भी यह वैश्विक स्तर से पीछे है। अमेरिका में पुरानी कार का बाजार नई कार से 3.4 गुना बड़ा है। फ्रांस, जर्मनी और दूसरे यूरोपीय देशों में पुरानी कार की हिस्सदेदारी नई कार से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे 75 फीसदी उपभोक्ता पुरानी कार खरीद रहे हैं। इससे नई कार की मांग में कमी आ रही है।

दाम कम, लोन लेने में नहीं होती है झंझट नहीं

पुरानी कार की मांग बढ़ने की वजह नई कार के मुकाबले कम दाम और बैंकों से आसान लोन की उपलब्धता है। इससे पुरानी कार की मांग बढ़ी है। विशेषज्ञो के अनुसार, अभी पुरानी कार के लोन पर बैंक 13 फीसदी की दर से ब्याज लेते हैं, वहीं नई कार पर यह 9 फीसदी है। अगर नई और पुरानी कार के लोन में ब्याज में 4 फीसदी के अंतर को पाटा जाए तो यह पुरानी कार की मांग बढ़ाने में बड़ा रोल आदा कर सकता है।संगठित प्लेयर आने से बढ़ा विश्वास

देश के ऑटो बाजार में पुरानी कार की मांग बढ़ाने में महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स, ओएलएक्स ,मारुति ट्रू-वैल्यू, कार्स-24, ड्रूम जैसे संगठित प्लेयर ने अहम भूमिका अदा की है। इनके आने से ग्राहकों में पुरानी कार के प्रति विश्वास बढ़ा है। ये कंपनियां पुरानी कार को भी प्रमाणित कर बेच रही हैं। इसके साथ लोन, रजिस्ट्रेशन को ट्रांसफर कराने जैसी अहम सुविधा भी ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। इससे भी पुरानी कार की मांग बढ़ी है।


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