मोदी के अगले 5 साल और भारत: सीमा विस्तार, कश्मीर समस्या का अंत, डॉलर की राह चलेगा रुपया

न्यूज 24, नई दिल्ली (26 मई): जैसे ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह की तिथि और समय का ऐलान हुआ है वैसे ही ज्योतिषियों ने भी सरकार के बारे में भविष्यवाणियां करनी शुरु कर दीं हैं। देश और विदेश के जाने-माने ज्योतिषविद् पंडित जयगोविंद शास्त्री ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ऐतिहासिक घटनाएं होंगी। कश्मीर समस्या हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जायेगी। कश्मीरी पंडितों की घाटी में फिर से वापसी होगी।  पंडित जयगोविंद शास्त्री का दावा है कि जिन गृहों और नक्षत्र में भारत की नयी सरकार शपथ लेने जा रही है उनसे पता चलता है कि भारत का सीमा विस्तार या इसके समतुल्य घटना इस सरका की विशेष उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि इसे अतिश्योक्ति न माना जाये।वेदिक पंचाग के मुताबिक 30 मई की शाम 7 बजे प्रदोष तिथि और प्रदोष वेला है। मोदी औरउनकी  सरकार आयुष्यमान योग में शपथ ग्रहण करने जा रही है। यह योग बताता है कि नरेंद्र मोदी की सरकार पूरी मजबूती के साथ अपना कार्यकाल तो पूरा करेगी ही साथ ही ऐसे कदम भी उठायेगी जिनको अभी तक असंभव माना जाता रहा है। ऐसे कौन-कौन से कदम और फैसले होंगे इस सवाल पर पंडित जयगोविंद शास्त्री ने कहा बहुत सी बातें संवेदनशीता की दृष्टि से जगजाहिर करना उचित नहीं है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि कश्मीर जैसी कोई समस्या 2024 में नहीं होगी।

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के समय रेवती नक्षत्र का स्पर्श पृथ्वी पर हो रहा है। गोधूलि वेला और वृश्चिक लग्न सरकार को स्थायित्व और सौभाग्यशाली होने का आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं। विदेशों में सरकार की साख और लोकप्रियता में और भी बढ़ोतरी होगी। भारतीय मुद्रा का मान बढ़ेगा। ऐसा भी हो सकता है कि दुनिया के  कुछ देश अमेरिकी डॉलर के बजाए भारतीय मुद्रा में व्यसाय में प्राथमिकता देने लगेंगे।

शपथ ग्रहण के समय के ग्रहों की गति के अनुसार गुरु-चंद्र का नवम-पंचम योग और राहु का उच्च स्थान में सरकार को पूर्ण और स्वस्थ्य आयु  दे रहा है। शनि और केतु का पंचम भाव में होनातथा मंगल-राहु की पूर्ण दृष्टि सरकार के सामने हर एक उपलब्धि के आगे एक नया कठिन लक्ष्य हासिल करने की चुनौती देगा। आसान शब्दों में कहें तो एक समस्या का हल करने के साथ ही सरकार के सामने दूसरी बड़ी समस्या मुंह बायें खड़ी दिखाई दे सकती है, लेकिन सरकार अपने सभी लक्ष्य पूरा करेगी, किंतु सरकार चलाने वालों को चैन की नींद मिलना मुश्किल है। सरकार के कार्यकाल में एनडीए के कुछ घटक दल छिटकने और कुछ नये दलों का सरकार शामिल होने के संकेत भी मिल रहे हैं। पांच साल के सार के रूप में कहा जा सकता है  कठिन राह पर चलते हुएमोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल भी अंत में वरदान साबित होगा।

(न्यूज 24 भविष्यवाणी में नहीं कर्म में विश्वास रखता है)

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