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अब मिडिल क्लॉस को टैक्स और होम लोन का तोहफा देगी मोदी सरकार

सवर्णों को आरक्षण देने के बाद मोदी सरकार अब मिडिल क्लॉस को भी साधने में लगी हुई है। इसी कड़ी में कल होने वाली जीएसटी की बैठक में सरकार होम लोन में रियायत देने की तैयारी कर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 जनवरी): सवर्णों को आरक्षण देने के बाद मोदी सरकार अब मिडिल क्लॉस को भी साधने में लगी हुई है। इसी कड़ी में कल होने वाली जीएसटी की बैठक में सरकार होम लोन में रियायत देने की तैयारी कर रही है। यही नहीं सूत्रों के मुताबिक, एक फरवरी होने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में मोदी सरकार मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में छूट का ऐलान भी कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि इस जीएसटी (GST) काउंसिल की बैठक में अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट पर टैक्‍स को घटाकर 5 फीसदी किया जा सकता है। अगर अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट पर जीएसटी (GST) में कमी की जाती है तो यह सस्‍ते हो जाएंगे, जिससे आम आदमी का इन्‍हें खरीदना आसान हो जाएगा। अभी अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन फ्लैट और मकानों पर 12 फीसदी की दर जीएसटी (GST) लगता है। अगर यह घट कर 5 फीसदी हो जाता है तो कॉमनमैन को टैक्‍स में 7 फीसदी की राहत मिल सकती है।

इसी के साथ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार बजट (Budget 2019) में मिडिल क्लास को Income tax relief के तौर पर एक बड़ा तोहफा दे सकती है। पिछले दिनों एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल क्लास को राहत दिए जाने के संकेत भी दिए थे। मीडिल क्लास भी लंबे समय से Income tax स्लैब में राहत की मांग कर रहा है। अब खबर आ रही है कि मोदी सरकार इस बार बजट में Income tax relief देने के लिए सेविंग लिमिट में बढ़ोतरी और अन्य tax benefits देने पर विचार कर रही है।

एक अंग्रेजी के बिजनेस चैनल के अनुसार, केंद्र सरकार अपने अंतिम बजट में टैक्स बेनिफिट का ऐलान कर सकती है। इसमें सेविंग लिमिट में बढ़ोतरी, पेंशनर्स के लिए टैक्स बेनिफिट और हाउसिंग लोन के ब्याज पर अधिक छूट जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। सूत्रों से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि पिछले चार बजट के दौरान हमने (केंद्र सरकार ने) सैलरीड क्लास को राहत दी है, क्योंकि वे देश के सबसे ईमानदार करदाता हैं। हम इस साल भी अंतरिम बजट की सीमाओं के भीतर जितना कर सकते हैं, उतना किया जाएगा।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी को बजट पेश करेंगे। ये अरुण जेटली द्वारा पेश किया जाने वाला छठा बजट होगा। यह अंतरिम बजट होगा, जिसे वोट ऑन एकाउंट (Vote-on-Account) भी कहते हैं। इसमें एक सीमित अवधि के लिए सरकार के जरूरी खर्चों की मंजूरी ली जाती है।

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