संसद के अंदर और बाहर बजट का विरोध करेगी कांग्रेस

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): मोदी सरकार 1 फरवरी को अपना अंतरिम बजट पेश करने वाली है। आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह भी कहा जा रहा है कि यह बजट लोक-लुभावन होगा और सरकार वोट बैंक में बढ़ोत्तरी करने के लिए इसमें हर वर्ग के लिए कुछ ना कुछ देगी। ऐसे में कांग्रेस ने ऐलान कर दिया है कि वह इस बजट का विरोध संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह पर विरोध करेगी, क्योंकि सरकार 5 साल के कार्यकाल में 6 बार बजट पेश नहीं कर सकती।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि एक फरवरी को केंद्र सरकार पूरा बजट पेश करने वाली है, जो संसदीय लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। सरकार को इस तरह का काम करने का कोई नैतिक और कानूनी अधिकार नहीं है। सरकार किस तरह से पांच साल में 6 बजट पेश कर सकती है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने बजट पेश किया तो संसद के अंदर और बाहर विरोध करेंगे।

हालांकि इस बार सरकार की तरफ से पीयूष गोयल को बजट का कार्यभार सौंपी गया है, क्योंकि अरुण जेटली बीमार होने के कारण न्यूयॉर्क में इलाज करा रहे है। जेटली की जगह वित्त मंत्री का अतिरिक्त प्रभार पीयूष गोयल को सौंपा गया है। बजट से ठीक 9 दिन पहले पीयूष गोयल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बार के अंतरिम बजट की स्पीच भी पीयूष गोयल ही पढ़ेंगे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से गोयल को सौंपा गया है। गोयल के पास पहले से जो मंत्रालय हैं, वह उसका कामकाज भी देखते रहेंगे।

इससे पहले पिछले साल मई में भी गोयल को दोनों मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। उस समय जेटली का गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था। गोयल ने 100 दिन तक जेटली की अनुपस्थिति में इन मंत्रालयों का प्रभार संभाला था। जेटली पिछले साल 23 अगस्त को काम पर लौट आए थे और उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मंत्रालयों की जिम्मेदारी फिर संभाल ली थी। बीमारी के चलते बीते 9 माह में अरुण जेटली ने कोई विदेश यात्रा भी नहीं की थी।