2019 चुनाव से पहले अब मिडिल क्लास की बारी !

Photo: Google 

न्यूज 24 ब्यूरो, मनीष कुमार, नई दिल्ली (17 जनवरी): मोदी सरकार सवर्ण आरक्षण के बाद एक और सिक्सर मार सकती है। बताया जा रहा है कि अपने अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा को इनकम टैक्स छूट दे सकती है, इसके लिए सरकार तैयारी में जुटी है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर मिडिल क्लास को खुश कर सकती है। फिलहाल इनकम टैक्स में आयकर छूट का दायरा ढाई लाख रुपये तक है और अब सरकार इसे बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख रुपये तक कर सकती है।

वित्तमंत्री अरुण जेटली जब इसबार 1 फऱवरी को आम बजट का पिटारा खोलेंगे तो मिडिल क्लास को बड़ी सौगात दे सकते हैं। उम्मीद की जा रही कि चुनावी साल में मोदी सरकार की तरफ से नौकरपेशा को इनकम टैक्स में 5 लाख रुपए तक छूट मिल सकती है। वित्त मंत्रालय की सूत्रों की मानें तो 5 लाख कमाने वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। अभी इनकम टैक्स की छूट की सीमा 2.50 लाख है।

मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपने पहले बजट में  इनकम टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये कर दिया था, इसके बाद पेश किए गए चार बजट में टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया। लेकिन जिस तरह से 3 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बुरी तरह हार मिली उसके बाद से ही मोदी सरकार वोटरों को रिझाने में जुट गई है। पहले गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का दांव चला फिर जीएसटी में छूट की सौगात दी। अब माना जा रहा है कि मध्यम वर्ग को रिझाने के लिए मोदी सरकार ने इनकम टैक्स में 5 लाख की भारी छूट देने की तैयारी कर ली है।

आपको याद दिला दे कि 2014 लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली के तालकटोरा में हुए कार्यक्रम में विपक्ष के नेता की हैसियत से अरुण जेटली इनकम टैक्स छूट की सीमा को 5 लाख रुपये तक किया जाने की वकालत कर चुके हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक टैक्स में राहत देने का वित्त मंत्री ने पूरा खाका तैयार कर लिया है, लेकिन टैक्स मामलों के जानकारों का एकतरफ ये भी कहना है कि टैक्स छूट की सीमा को सीधे 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना आसान नहीं है।

आसान नहीं 5 लाख तक टैक्स में छूट...

करोड़ों की तादाद में करदाता कम हो जाएंगे

टैक्स से आने वाली आय की भरपाई कैसे होगी

6 करोड़ 80 लाख मौजूदा इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं

वित्तीय वर्ष के आखिर तक सरकार का दावा 7.5 करोड़ हो जाएगी

अनुमान के मुताबिक 4 करोड़ टैक्स पेयर जिनकी सालाना आय 2.5 लाख-5 लाख तक

4 करोड़ टैक्स पेयर अगर टैक्स की सीमा से बाहर हो सकते हैं