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साठा सो पाठाः 60 साल की स्वंयसेवी टीचर अन्ना ने टाटा मैराथन में जीता सिल्वर

हौंसला हो तो उम्र किसी काम में बाधा नहीं हो सकती है। इसी बात को चरितार्थ किया है साठ साल की अन्ना ने...आपने आम तौर पर देखा होगा कि मैराथन दौड़ में युवा ही हिस्सा लेते हैं लेकिन हाल ही में हैदराबाद में हुई टाटा मुंबई मैराथन में 60 साल की महिला ने न केवल हिस्सा लिया बल्क 10 किलोमीटर की रेस में दूसरा स्थान भी हासिल किया

न्यूज 24 ब्यूरो, हैदराबाद(12फरवरी): कहते हैं कि हौंसला हो तो उम्र किसी काम में बाधा नहीं हो सकती है। इसी बात को चरितार्थ किया है साठ साल की अन्ना ने...आपने आम तौर पर देखा होगा कि मैराथन दौड़ में युवा ही हिस्सा लेते हैं लेकिन हाल ही में हैदराबाद में हुई टाटा मुंबई मैराथन में 60 साल की महिला ने न केवल हिस्सा लिया बल्क 10 किलोमीटर की रेस में दूसरा स्थान भी हासिल किया। पार्ट टाइम टीचर अन्ना ने 60 से 64 साल उम्र वर्ग की इस मैराथन में हिस्सा लिया था। अन्ना ने लगातार दूसरी बार इस प्रतियोगिता में मेडल जीता है।60 साल से ज्यादा उम्र की अन्ना ने 1 घंटे 19 मिनट और 45 सेकंड में 10 किलोमीटर की दूरी तय की। पिछले साल अन्ना ने इसी इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि, इस बार उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। इस बार साउथ अफ्रीका की गिलियन फॉर्डसी ने 1 घंटे 3 मिनट और 40 सेकंड में रेस खत्म करके खिताब अपने नाम किया। अन्ना ने कहा, 'मुझे दौड़ना पसंद है और इसमें मजा आता है। जब आप दौड़ना शुरू करते हैं और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगते हैं तो यह आदत बन जाता है।' गौर तलब यह है कि अन्ना पीईजीए के 'टीच फॉर चेंज' अभियान से स्वयंसेवी टीचर के तौर पर जुड़ी हुई हैं।इस प्रतियोगिता के अलावा कई और मैराथन में हिस्सा लेकर मेडल जीत चुकीं अन्ना केरल के तिरुवला की निवासी हैं। 20 साल तक प्री-प्राइमरी स्कूल में टीचर रहीं अन्ना कहती हैं कि पढ़ाना उनका पैशन है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने पति अजित अलेक्जेंडर जॉर्ज, अपनी बहू और दोस्तों को देती हैं।

- साठ साल की अन्ना ने 10 किलोमीटर की मैराथन में जीता सिल्वर मैडल

- पेशे से सवंयसेवी टीचर अन्ना की हॉबी है  दौड़ लगाना

 - साउथ अफ्रीका की गिलियन ने जीता स्वर्ण पदक 

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