भारत ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तैनात किए लड़ाकू जहाज

नई दिल्ली (10 मई): भारत ने 70 सालों में पहली बार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लड़ाकू जहाज तैनात करने का फैसला किया है। सूत्रों के हवाले से आई इस खबर में दावा किया गया है कि भारत इसके जरिए चीन पर नकेल कसना चाहता है।ऐसा आज तक नहीं हुआ, लेकिन अब होने जा रहा है। सूत्रों की मानें तो हिंद महासागर के पश्चिमी क्षेत्र में भारत अब अपनी पकड़ मजबूत करेगा। यहां लड़ाकू विमान तैनात किए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो इसका बेस तैयार करने की कोशिशें तेज हैं। कार निकोबार और कैंपबेल खाड़ी में एअर बेस की पहचान की गई है। इस इलाके में भारत ने 19 युद्धपोत तैनात किए हैं। यही नहीं युद्धपोतों की मरम्मत के लिए दो तैरने वाले स्टेशन भी तैयार किए गए हैं।ये वो इलाका है जहां पिछले कुछ सालों में चीनी धमक बढ़ी है, चीनी युद्धपोतों से लेकर परमाणु पनडुब्बी तक को भारत के हिस्से वाले इस इलाके में कई बार देखा जा चुका है। हाल ही में नौसेना ने चीनी युद्धपोत की घुसपैठ की तस्वीर ट्वीट कर चीन को सख्त संदेश दिया था कि वो अपनी हद में रहे। हिंद महासागर के इस इलाके में चीन अपनी ताकत मजबूत करने में लगातार जुटा है। इसलिए भारत सावधान है।मलक्का, सुंदा और लुम्बोक जल डमरू मध्य यहां के वो बेहद संकरे रास्ते हैं जो हिंद महासागर को दक्षिणी चीन सागर से जोड़ते हैं। दुनिया भर का करीब 70 फीसदी समुद्री कारोबार इस रास्ते के जरिए होता है। इसलिए ये इलाका सुरक्षा और कारोबार दोनों लिहाज से बेहद अहम है। जहां चीन की दादागीरी के खतरे को कम करने के लिए भारत पूरी ताकत झोंक रहा है।