भारत के रक्षा मंत्री बनेंगे अमित शाह..? खबर सुनते ही पाक पीएम इमरान खान और बाजवा की हवा शंट

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 मई): मोदी के नये मंत्रीमण्डल और मोदी के नये कदमों को लेकर पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। भारत के विपक्षी दलों से ज्यादा पाकिस्तान की इमरान सरकार और पाकिस्तान आर्मी को चिंता है कि रक्षा और विदेश मंत्रालय किस को दिया जा रहा है। इसी बीच जैसे ही यह खबर आयी है कि अमित शाह को रक्षा मंत्रालय दिया जा रहा है वैसे ही पाकिस्तान में हाई लेवल मीटिंग्स शुरू हो गयीं हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से लेकर आर्मी चीफ कमर बाजवा और राष्ट्रपति मैमून खान तक सब के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। कहा जा रहा है कि बहुत लो प्रोफाइल दिखने वाले साधारण से मनोहर पार्रिकर ने तो सर्जिकल स्ट्राइक करवा दी थी। निर्मला सीतारमन ने महिला होने के बावजूद पाकिस्तान में घुसकर एयर स्ट्राइक की मंजूरी दे दी अगर अमित शाह वास्तव में रक्षा मंत्री बन गये भारतीय फौज का मंसूबे और हौसले सातवें आसमान पर पहुंच जायेंगे। पाकिस्तान को इसी बात की चिंता है कि अमित शाह जैसे आक्रामक नेता के हाथ में रक्षामंत्रालय की कमान आ गयी तो पाकिस्तान को हर रोज कयामत जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।

बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री से नई सरकार बनने तक पद पर बने रहने का आग्रह किया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें 16वीं लोकसभा भंग करने की सिफारिश की गई। एक दिन पहले आए लोकसभा चुनाव नतीजों में बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन  को जबर्दस्त जीत हासिल हुई है।  देश की जनता ने बीजेपी को ऐतिहासिक जनादेश दिया है और पार्टी ने 303 सीटें जीती हैं। अब चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि 17वीं लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट किसे कौन सा पोर्टफोलियो मिलेगा? केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, मेनका गांधी, पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर आदि शामिल हुए। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण अरुण जेटली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी नहीं पहुंचे।ऐसा माना जा रहा है मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली दोबारा वित्त मंत्रालय का कार्यभार नहीं लेंगे। इसकी वजह उनकी सेहत ठीक न होने को बताया जा रहा है। अगर जेटली पद स्वीकार नहीं करते हैं तो केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय या दोनों मंत्रालयों का प्रभार दिया जा सकता है। सरकार गठन को लेकर जारी गहमागहमी के बीच पार्टी के कई नेताओं का ऐसा मानना है कि इस बार मोदी मंत्रिमंडल में अमित शाह भी शामिल होंगे और उन्हें गृह, वित्त, विदेश या रक्षा में से कोई एक मंत्रालय दिया जा सकता है। उम्मीद है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण नई सरकार में मुख्य भूमिका में रह सकती हैं।स्मृति इरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी से पराजित किया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर को नए मंत्रिमंडल में बनाए रखे जाने की संभावना है। जेडीयू और शिवसेना को भी नई कैबिनेट में स्थान दिया जा सकता है क्योंकि दोनों दलों ने क्रमश: 16 और 18 सीट दर्ज करके शानदार प्रदर्शन किया है।केंद्रीय मंत्रिमंडल में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना से नए चेहरों को स्थान दिया जा सकता है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘मंत्री परिषद में कई युवा चेहरों को स्थान दिए जाने की संभावना है क्योंकि नेतृत्व पार्टी की दूसरी कतार तैयार करना चाहता है।’ वैसे किस सांसद को कौन सा मंत्रालय दिया जाए, इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेना है।ध्यान रहे16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है। 17वीं लोकसभा का गठन 3 जून से पहले किया जाना है और नए सदन के गठन की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में तब शुरू होगी जब तीनों चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे और नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौपेंगे।

Images Courtesy: Google