तीन दिन की शांति के बाद खाड़ी में फिर गरजे युद्ध के बादल, ट्रंप ने कतर में तैनात किये F-22 रैप्टर

 

US Deploy F-22 at Qatar

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (29 जून): जापान के ओसाका शहर में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में यूएस-चीन ट्रेड वॉर के खत्म होने की संभावना और रूस-सऊदी के नजदीक आने से दुनिया का महौल जहां थोड़ा खुशनुमा हो रहा था वहीं कतर के अल उदीद एयर बेस पर अमेरिकी स्टील्थ फाइटर एफ-22 की तैनाती से खाड़ी में फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों को जानकारी मिली थी कि ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है। हालांकि, पिछले तीन दिनों से ईरान और अमेरिका की ओर से जंग को लेकर कोई बयानवाजी समाने नहीं आने से माना जा रहा था कि शायद इस समस्या का भी कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल आयेगा। जी-20 शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच भी सद्भावपूर्ण  वातावरण में हुई बातचीत से दुनिया के देशों ने चैन की सांस ली थी।बहरहाल, ईरान से बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन ने पहली बार एफ-22 रैप्टर स्टील्थ लड़ाकू विमानों को कतर में तैनात किया है। यह जानकारी अमेरिकी सेना ने दी। कतर में लड़ाकू विमानों की तैनाती को अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के नजरिए से देखा जा रहा है। अमेरिकी वायु सेना के मिलिटरी कमांड ने अपने बयान में कहा, 'अमेरिकी सेना और उसके हितों की रक्षा के लिए यह तैनाती की गई है।' हालांकि बयान में इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि कितने विमानों की तैनाती की गई है। ईरान के साथ ताजा घटनाक्रम के बाद से ही अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं को बढ़ा रहा है। अमेरिका के लड़ाकू विमान कतर की राजधानी दोहा के बाहर अल उदीद एयर बेस पहुंचे हैं। एक रक्षा अधिकारी ने  कहा कि लड़ाकू विमान मध्य पूर्व में नई सेनाओं की पहले से घोषित तैनाती का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र, विशेषकर इराक और सीरिया में अपनी सेना की रक्षा के लिए अमेरिका की क्षमता को बढ़ावा देना है, जहां अमेरिकी सेना ईरान समर्थित आतंकियों के साथ लड़ाई में खड़ी है।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि विश्वस्त खुफिया जानकारी मिली है कि ईरानी सेना और उसके समर्थक, इस क्षेत्र में अमेरिकियों पर हमला करने की योजना बना सकते हैं। अल उदीद एयर बेस के पास अमेरिकी विमान को उड़ान भरते हुए भी देखा गया है।अमेरिका द्वारा मल्टिपार्टी न्यूक्लियर डील 2015 से हाथ खींचने और ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद दोनों देशों में तनाव अपने चरम पर है। पिछले हफ्ते यह तनाव उस समय और बढ़ गया, जब ईरान ने अमेरिका के मानव रहित ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर स्ट्राइक करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।Images Courtesy:Google