अस्पतालों की हड़ताल का मामला हुआ पैचीदा, अब डॉक्टरों ने मांगा ममता बनर्जी का माफीनामा

Mamata Banerjee

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 जून): पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों को देश भर के डॉक्टरों का समर्थन मिल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर यह मामला जल्दी न सुलझातो देश भर की चिकिस्ता व्यवस्था चरमरा सकती है। इसी बीच बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी गुरुवार को दिये अपने भाषण पर माफी मांग लेती हैं तो वो हड़ताल खत्म कर काम पर वापस आ सकते हैं। हालांकि डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने के लिए पांच अन्य मांगें भी रखी हैं।पश्चिम बंगाल में बीते 4 दिन से हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स ने कहा, 'हम सीएम ममता बनर्जी से उनके गुरुवार के भाषण के लिए बिना शर्त माफी चाहते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन  ने भी गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की है। डॉक्टरों की एक मांग यह भी है कि सीएम को हॉस्पिटल आकर घायल डॉक्टरों से मिलना होगा और डॉक्टरों पर हमले की निंदा करनी होगी। डॉक्टरों ने हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के कागजाती सबूत मांगे हैं। इसके अलावा पूरे राज्य में जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट के खिलाफ 'झूठे केस और आरोप' वापस लेने की भी शर्त रखी गई है।इस बीच हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों की संख्या बढ़ गई है। दार्जिलिंग के नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के 119 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। अब तक 43 डॉक्टरों के इस्तीफे की बात कही जा रही थी। जानकारों का कहना है कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस तरफ जल्द ही ध्यान नहीं दिया तो डॉक्टरों के इस्तीफों की संख्या और बढ़ सकती है। इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को इस संबंध में पत्र लिखा है। आईएमए ने शाह से इस संबंध में राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की है। आईएमए ने अपने पत्र में कहा, 'देश भर में डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़ गए हैं, हाल की घटना पश्चिम बंगाल की है, जहां डॉक्टर मुखर्जी पर हमला किया गया। उनकी हालत बेहद गंभीर है, और वह जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं।