तालिबान के कब्जे में भारतीय इंजीनियरों को छुड़ाने की कवायद तेज, सुषमा स्वराज ने अफगान सरकार से की बात

नई दिल्ली (7 मई): भारत सरकार ने अफगानिस्तान के बागलान प्रांत से अगवा किए गए 6 भारतीय इंजीनियरों को छुड़ाने की कवायद तेज कर दी है। इस सिलसिले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री  मंत्री सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान के विदेशमंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी से बात की है। बगलान के गवर्नर अब्दुलहई नेमाती का कहना है कि तालिबान ने कर्मचारियों को अगवा किया है और उन्हें पुल ए खोमरे शहर के दांड शाहबुद्दीन इलाका में ले गए हैं। नेमाती के हवाले से खबरें आ रही है कि आतंकी संगठन ने भारतीयों को सरकारी कर्मचारी समझकर गलती से उनका अगवा किया है। साथ ही खबरें आ रही है कि कबाइली सरदारों और स्थानीय लोगों की मध्यस्थता के जरिए अगवा किए गए भारतीयों को छुड़वाने की कोशिशें की जा रही है।आपको बता दें कि अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में आरपीजी समूह की एक कंपनी में काम करने वाले सात भारतीय इंजीनियरों को रविवार को कथित तौर पर तालिबान के बंदूकधारियों ने अगवा कर लिया था। अफगान मीडिया के मुताबिक इन लोगों को संभवत: सरकारी कर्मचारी समझकर आतंकियों ने अगवा कर लिया।‘टोलो न्यूज’ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि प्रांतीय राजधानी पुल ए खोमरे के बाग ए शामल गांव में तालिबान आतंकवादियों ने भारतीय कंपनी केईसी के 6 भारतीय कर्मचारियों और एक अफगान कर्मचारी का अपहरण कर लिया।बताया जा रहा है कि इन लोगों का उस वक्त अपहरण किया गया, जब वे लोग इलाके में जा रहे थे, जहां उनकी कंपनी ने एक बिजली सब स्टेशन का ठेका ले रखा है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में बिजली आपूर्ति करने में शामिल सबसे बड़ी कंपनियों में केईसी भी एक है। इस कंपनी को 2013 में चिमताला और काबुल के बीच 220 KV का पावर ट्रांसमिशन लाइन बनाने का ठेका मिला था। इस पावर प्लांट पर तालिबानी पहले भी कई बार निशाना भी बना चुके हैं।