सीने में 97 छर्रे लेकर 4 साल से जिंदा था शख्स, अब हुआ सफल ऑपरेशन


नई दिल्ली(6 जनवरी): शरीर के किसी भी हिस्से में अगर गोली लग जाए तो इंसान का बचना मुश्किल हो जाता है। और वो भी जब गोली एकदम करीब से लगी हो। लेकिन एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। 27 साल के एक शख्स को 4 साल पहले काफी करीब से गोली लगी थी। गोली उसके शरीर के भीतर 97 टुकड़ों में बंटकर बिखर चुकी थी। लेकिन वह जिंदा बच गया क्योंकि गोली के छर्रों ने दिल, फेफड़े या किसी अहम अंग को नुकसान नहीं पहुंचाया था। 

- छर्रों के साथ उस रजाई की कुछ रूई भी उसके सीने में जगह-जगह फंसी थी, जिसे वह वारदात के वक्त ओढ़े हुए थे। सीने के भीतर 97 छर्रे टाइमबम कि तरह हो चुके थे क्योंकि उनसे फैला इन्फेक्शन जब भी दिल या फेफड़े तक पहुंचता, तो उनकी मौत हो सकती थी। आखिरकार 4 साल बाद दिल्ली के AIIMS में ऑपरेशन के जरिए शख्स के सीने में फंसे सभी छर्रे और रूई निकाले गए।

- यूपी के मुरादाबाद के आरिफ हुसैन अपने शहर के साथ-साथ मेरठ और दिल्ली के तमाम डॉक्टरों के पास जा चुके थे ताकि छर्रों को निकाला जा सके। लेकिन किसी भी डॉक्टर ने ऑपरेशन की हिम्मत नहीं की क्योंकि दिल, फेफड़ों और दूसरे अहम अंगों को नुकसान की आशंका थी। नतीजतन आरिफ के सीने पर टेनिस बॉल के आकार का एक उभार बन चुका था, जिससे दुर्गंध आती थी और मवाद बहता रहता था। AIIMS ट्रॉमा सेंटर के प्रफेसर डॉक्टर बिप्लव मिश्रा ने बताया, 'अगर जल्द से जल्द ऑपरेशन नहीं हुआ होता तो इन्फेक्शन दूसरे अंगों में भी पहुंच सकता था जो जानलेवा होता।' 

- हर जगह से निराश आरिफ AIIMS पहुंचे। उनके सीने में फंसे छर्रे पपीते के बीज के आकार के थे। उनमें से ज्यादातर हृदय से महज एक सेंटीमीटर की दूरी पर गुच्छे के रूप में थे और फेफड़े के भी काफी करीब थे। डॉक्टरों ने सर्जरी से पहले कई सीटी स्कैन किए। यहां तक कि सर्जरी के दौरान भी फ्लुरोस्कोप का इस्तेमाल किया गया जो एक इमेजिंग टेक्निक है जिसका X-ray में इस्तेमाल किया जाता है। सबसे पहले सर्जनों ने सीने की हड्डियों से लगे संक्रमित हिस्सों को अलग किया। इसके बाद उन्होंने छर्रों को निकाला। इस ऑपरेशन में करीब 4 घंटे का वक्त लगा।