इस रिपोर्ट से सरकार को लग सकता है झटका, अभी 95 करोड़ लोगों के पास नहीं इंटरनेट

नई दिल्ली (27 दिसंबर): नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था को कैशलेस की तरफ ले जाने में लगी केंद्र सरकार को इस रिपोर्ट से एक बड़ा झटका लग सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं में भारत बेशक दूसरे स्थान पर है, लेकिन अभी देश में करीब 95 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अभी इंटरनेट की पहुंच से दूर हैं।

उद्योग मंडल एसोचैम-डेलायट के संयुक्त अध्ययन के अनुसार, भारत में इंटरनेट डेटा प्लान दुनिया में सबसे सस्ता है और स्मार्टफोन का औसत खुदरा मूल्य घट रहा है, लेकिन इसके बावजूद 95 करोड़ भारतीयों को इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है।

- देश में इस समय इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं की संख्या 35 करोड़ है। इस मामले में सिर्फ चीन ही भारत से आगे है।

- साइबर सुरक्षा से निपटने को रणनीतिक राष्ट्रीय उपाय शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में इंटरनेट की पहुंच बढ़ रही है।

- डिजिटल साक्षरता का फैलाव करने के लिए ब्रॉडबैंड, स्मार्ट उपकरण और मासिक डेटा पैकेज सस्ते होने चाहिए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरदराज के इलाकों में डिजिटल सेवाओं के प्रावधान के लिए मौजूदा सरकारी ढांचागत संपत्तियों का इस्तेमाल करने की जरूरत है। अध्ययन में कहा गया है कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संस्थागत प्रशिक्षण के जरिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ाया जा सकता है।