94 साल की उम्र में सरपंच बनीं यह महिला

नई दिल्ली (8 सितंबर): देश में जहां 50 साल की उम्र पार करने के बाद लोगों को तरह-तरक की बीमारी लग जाती हैं, वहीं 94 साल की उम्र में गंगूबाई ने इतिहास रच दिया है। वह पुणे के एक गांव से सरपंच चुनी गई हैं।

गंगूबाई के मुताबिक वो अभी अपने गांव भमबुरवाड़ी में रहने वाले 2000 लोगों के लिए कुछ काम करना चाहती हैं। गंगूबाई की सबसे पहले प्राथमिकता है कि वो अपने क्षेत्र में एक पानी की पाइपलाइन बनवाएं, जिससे पास में स्थित नहर से पानी उनके गांव तक पहुंच सके। इसे अलावा गांव में ड्रेनेज सिस्‍टम, अच्‍छी सड़क और पर्याप्‍त संख्‍या में शौचालय बनवाना उनका मुख्‍य लक्ष्‍य है।

गंगूबाई को जोश ही उनका असली आत्‍मविश्‍वास है जो उनकी उम्र पर हावी नहीं हो पाता है। गंगूबाई कहती हैं कि वो इस उम्र में भी युवाओं की तरह टहल सकती हैं और एक शिक्षक की तरह बात कर सकती हैं। न तो बारिश और न ही सूरज कोई भी मुझ पर प्रभाव नहीं डाल सकता है। मैं अपने लोगों के लिए कुछ करना चाहती हूं और अगर मैं कुछ नहीं कर पाई तो सरपंच बनने कोई फायदा नहीं।