शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गए भारत के 90 फीसदी स्टार्टअप

नई दिल्ली (18 मई): सरकार भले ही दांवा करती हो कि देश में युवाओं को रोजगार की जगह अपना व्यवसाय करने के लिए वह आसानी से लोन मुहैया करा रही है, जिससे लोगों की जिंदगी में सुधार आ रही है। लेकिन हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, इनोवेशन और पैसों की कमी के कारण भारत के 90 फीसदी से ज्यादा स्टार्टअप पहले पांच सालों में ही बंद हो जाते हैं।

सॉफ्टवेयर दिग्गज IBM ने एक अध्ययन में यह जानकारी दी है। IBM के इस अध्‍ययन में बताया गया कि देश के स्टार्टअप को शुरुआत और बंद करने के दौरान दोनों ही चरणों में वित्त की कमी से जूझना पड़ता है, जबकि दुनिया की सफल स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में ऐसा नहीं होता और उन्हें निवेशक समुदाय से हर कदम पर समर्थन मिलता है।

भारत के 76 फीसदी से भी अधिक अधिकारियों ने देश की अर्थव्यवस्था में खुलेपन को आर्थिक लाभ के रूप में देखा, जबकि 60 फीसदी ने कुशल श्रमिकों की पहचान की और 57 फीसदी अधिकारियों का कहना था कि बड़ा घरेलू बाजार होने के महत्वपूर्ण फायदे हैं। सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी उद्योग नेतृत्व का मानना है कि पारिस्थितिकी तंत्र स्टार्टअप में तेजी ला सकती है।