देश की 90 फीसदी मुस्लिम महिलाएं बदलना चाहती हैं तलाक का मौजूदा ढंग

नई दिल्ली (1 जून): देश की 90 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं तलाक के मौजूदा तरीके के खिलाफ हैं और वो इस परंपरा को समाप्त करना चाहते हैं। तलाक की इस पंरपरा के खिलाफ कहने पर रोक लगनी चाहिए । भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन  (भामुमा) ने तीन बार तलाक कहने को प्रतिबंधित करने के लिए एक अभियान चलाया है। भामुमा ने नेशनल वुमेन कमीशन से भी कार्यवही करने को कहा है।

भामुमा के अभियान में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उडी़सा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, केरल और उत्तर प्रदेश के 50 हजार लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। भामुमा की संयोजक नूरजहां साफिया नियाज के मुताबिक आने वाले दिनों में और लोग इस अभियान को अपना समर्थन देंगे। नेशनल वुमेन कमीशन की चेयर पर्सन डॉक्टर ललिता कुमारमंगलम को लिखी चिट्ठी में भामुमा ने कहा है कि 'मुस्लिम महिलाओं को भी संविधान में अधिकार मिले हैं, अगर कोई कानून समानता और न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है तो उस पर रोक लगनी चाहिए।