कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में आई 90 फीसदी की कमी: डीजीपी

जम्मू(13 नवंबर): जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 फीसदी तक की कमी आ गई है। राज्य पुलिस के डीजीपी एस.पी. वैद्य ने सोमवार को कहा कि बीते साल के मुकाबले इस साल पत्थरबाजी की घटनाओं में यह बड़ी गिरावट आई है। 

- उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी का पूरा श्रेय कश्मीर के लोगों को जाता है, जिनके चलते स्थिति में सुधार हुआ है। वैद्य ने कहा कि अकेले एनआईए की छापों के चलते स्थिति में यह बदलाव नहीं आया बल्कि इसके कई कारण हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और शीर्ष आतंकी कमांडरों के खिलाफ कार्रवाई के चलते भी पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। 

- राज्य पुलिस के मुखिया ने कहा कि पिछले साल तक वर्ष में 40 से 50 दिन कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटनाएं होना आम था। वैद्य ने कहा, 'बीते साल की तुलना में इस वर्ष पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 पर्सेंट तक की कमी हुई है। यह बड़ी गिरावट है।' उन्होंने कहा, 'कई सप्ताह ऐसे भी रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी की कोई भी घटना नहीं हुई, जबकि पिछले साल तक एक दिन में ऐसी 50 घटनाएं तक हो जाया करती थीं। लोगों के मूड में यहां बड़ा बदलाव देखने को मिला है।' 

-वैद्य ने कहा कि यह बड़ा बदलाव है। यह आसानी से समझा जा सकता है कि घाटी में हालात तेजी से सुधरे हैं। कई बार पूरे दिन भर में एक भी पत्थरबाजी की घटना नहीं होती। यही नहीं कई बार पूरे सप्ताह ऐसी घटनाएं नहीं होती। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और यहां रहने वाले हर व्यक्ति को इस संबंध में पर्याप्त जानकारी है। 

- डीजीपी ने कहा, 'यहां तक की शुक्रवार को भी ऐसी घटनाओं में कमी आई है। बीते साल शुक्रवार के दिन में कई बार 40 से 50 पत्थरबाजी की घटनाएं देखने को मिलती थीं। लेकिन, हाल के दिनों में एक भी घटना इस तरह की देखने को नहीं मिली है।' वैद्य ने कहा कि अकेले एनआईए के छापों के चलते ही यह गिरावट नहीं आई।