'सरकार ने 90 फीसदी भारतीयों के विश्वास को किया खत्म'

नई दिल्ली ( 9 दिसंबर ): पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बेहद कड़े शब्दों में नोटबंदी की आलोचना की है। मनमोहन सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला कर अपने मौलिक कर्तव्यों का उपहास उड़ाया है और 100 करोड़  भारतीयों का विश्वास खत्म कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ सिंह का यह विचार शुक्रवार को अंग्रेज़ी दैनिक अखबार में प्रकाशित हुए हैं।

मनमोहन सिंह की नोटबंदी पर आलोचनात्मक टिप्पणियां

-ईमानदार भारतीयों के लिए नोटबंदी घातक है।

-नोटबंदी की वजह से जीडीपी और नौकरियों के सृजन में काफी दूर तक प्रभाव पड़ेगा।  

-बेईमान और काला धन जमा करने वाले 'हल्की-सी चोट के बाद' बच निकलेंगे।

-100 करोड़ भारतीयों के विश्वास को खत्म कर दिया है।

-90 फीसदी से ज़्यादा भारतीय कामगारों को आज भी नकदी में ही वेतन हासिल होता है। इस अमानवीय कार्य ने उनके जीवन को बर्बाद कर दिया है।

-जमीन, फाॅरेन एक्सचेंज कालाधन का हिस्सा हैं, कैश बहुत छोटा अमाउंट है।

-2000 के नोट से कालेधन को बढ़ावा मिलेगा।

-सपने में भी नहीं सोचा था कि पूरे देश को लाइन में लगना होगा।

-उत्पादन घट रहा है, व्यापार, जाॅब घट रहा है। ऐसे में यह निर्णय घातक है।

-कालाधन के खिलाफ युद्ध सही है, पर इसकी वजह से एक भी ईमानदार की जान न जाए।