टीवी सीरियल देख इस 9 साल की बच्ची ने रची खुद के अपहरण की कहानी

नई दिल्ली (4 अगस्त): अगर आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं और वह क्राइन सीरियल में रुचि रखते हैं तो हो जाएं सावधान, क्योंकि शायद यह खबर आपके होश उड़ा दे। क्राइम सीरियल की शौकिन एक 9 साल की बच्ची ने खुद अपने अपहरण की कहानी रच डाली।

बच्ची ने बताया कि छोटी बहन की गलती पर पापा उसे डांटते व पीटते थे। इसी से नाराज होकर वह बैग में कपड़े तथा रुपए लेकर घर से निकल गई थी। वह बैग को कंधे पर टांगकर ऑटो लेकर रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां पर कोई ट्रेन नहीं थी। कुछ देर वहीं घूमती रही। दस रुपए में कुरकुरे लेकर खाए और फिर कोटा-भोपाल पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गई थी, लेकिन ट्रेन के रवाना होते ही वह घबरा गई। डिब्बे में मौजूद अन्य यात्रियों ने उसे रोते देखा तो मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को सौंप दिया था।

पुलिस ने बताया कि उर्वशी पुत्री सुरेन्द्र परिहार अपने पिता से डरती थी। इसी कारण वह गत सोमवार को अकेले ही घर से निकल गई थी। उसका कोई अपहरण नहीं हुआ था। घर से राईकाबाग रेलवे स्टेशन तक लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में वह अकेली ही नजर आई है। बच्ची ने खुद भी अकेले ही घर से निकलना स्वीकार किया है। इस रहस्यमय राजफाश से पर्दा उठने के बाद पुलिस आश्चर्यचकित है।

नौ साल की बच्ची ने बनाई थी यह कहानी... - सोमवार सुबह छह बजे कॉपी-किताब निकालने के बाद बैग साफ करने घर के बाहर चबूतरी पर गई। - नकाबपोश एक व्यक्ति आया और कपड़े से उसका मुंह दबाकर टैक्सी में बिठाया। - ऑटो में लहंगा सूट पहने महिला ने उसे पकड़े रखा। नकाबपोश कमरे में अलमारी से कपड़े लेकर आया। - ऑटो में महिला व नकाबपोश के अलावा चालक भी था। - फिर अपहरणकर्ता उसे राईकाबाग रेलवे स्टेशन ले गए, जहां से उसे अकेले को डिब्बे में बिठा दिया। - अपहरण करने वालों ने बैग में 560 रुपए भी डाल दिए थे। - वह मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां अकेले देख जीआरपी जवान उसे थाने ले आए। - जीआरपी अधिकारियों को अपहरण की कहानी बताई। पिता के मोबाइल नम्बर भी बताए।