ऐसे बैंक में अकाउंट जमा हुए 3130000000000, कहीं आपका भी तो नहीं

नई दिल्ली (5 सितंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 के बड़े नोटों पर बैन लगा दिया है। नोटबंदी से पहले 80 लाख बैंक खाते बंद हो चुके थे, लेकिन नोटबंदी वे सभी फिर एक्टिव हो गए। नोटबंदी के बाद सक्रिय हुए अकाउंट्स की जानकारी 12 सार्वजनिक बैंकों ने एक आरटीआई के जवाब में दी है। बैंकों की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार निष्क्रिय पड़े 80.14 लाख बैंक खाते नोटबंदी के बाद ऐक्टिव हो गए थे।

आरटीआई के जवाब में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी के बाद 9 नवंबर से 31 दिसंबर 2016 तक कुल 31,300 करोड़ रुपये पूर्व में निष्क्रिय पड़े खातों में जमा कराए गए। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन ओवरसीज बैंक ने निष्क्रिय खातों की संख्या की जानकारी देने से इनकार कर दिया है। निष्क्रिय खातों में नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा 4843.91 करोड़ रुपये की राशि पंजाब में जमा हुई है। भारतीय स्टेट बैंक और आईडीबीआई बैंक ने यह कहते हुए आरटीआई का जवाब देने से इनकार कर दिया कि डेटा बहुत बड़ा है। दोनों बैंकों ने कहा कि इतने लंबे डेटा को एकत्र करना मानव संसाधन और समय को व्यर्थ करने जैसा होगा।

आरटीआई आवेदन पर जिन बैंकों ने जानकारी दी है, उनमें सिंडिकेट बैंक, विजया बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इलाहाबाद बैंक, आंध्रा बैंक, पंजाब ऐंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नैशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।