इस गांव के 80 किसान हैं करोड़पति, ऐसे बदली इसकी तकदीर

मुंबई (11 फरवरी): बापू ने कहा था कि भारत उसके शहरों में नहीं बल्कि उसके 7 लाख गांवों में बसता है। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें यह सोचने की जरूरत है कि हम अपने गांवों का विकास कैसे करें। आज हम बता रहे हैं एक ऐसे ही गांव के बारे में जो अपनी सफलता की कहानियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा बटोर चुका है। 

इस गांव के लोग अपने नाम के पीछे जाती वाला सर नेम नहीं लगाते हैं। बल्कि नाम के पीछे हिवरे बाजार जोड़ा जाता है। यह वो गांव है जहां किसानों ने कड़ी मेहनत की और खुद की किस्मत लिखकर करोड़पति बन गए। 

क्या है इस गांव की कहानी देश के ज्यादातर गांवों में पंचायत की डोर बूढ़ों के हाथ में होती है। महाराष्ट्र के हिवरे गांव में भी यही हालात थे। इसी बीच यहां के युवाओं ने इसे बदलने की कोशिश की लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। कुछ समय बाद ये युवा शहर से शिक्षा प्राप्त कर वापस गांव लौटे और अपनी मेहनत से पूरे गांव की तकदीर बदलकर रख दी।

गांव में हैं करीब 80 करोड़पति महाराष्ट्र के अहमदनगर के इस गांव में 90 के दशक में भयंकर गरीबी थी। लेकिन आज इस गाँव के 305 परिवारों में से 80 किसान करोड़पति हैं।  इन लोगों ने अपनी किस्मत खुद से लिखी है।

कैसे बने करोड़पति चौकाने वाली बात यह है कि गांव में यह किसान करोड़पति किसी बिजनेस या बड़े उद्योग के चलते नहीं बने हैं बल्कि खेती के के दम पर ही लोगों ने यह पैसा कमाया है। यहां के किसान खेती में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हैं। 

होती है जैविक खेती गांव में जैविक खेती के भी कई सफल प्रयोग किये जा रहे हैं। घरों में गोबर गैस का उपयोग हो रहा है। सौर ऊर्जा का सही इस्तेमाल हम हिवरे गांव से सीख सकते हैं।

गांव में नहीं पीता कोई शराब गांव के सभी घरों के बच्चे स्कूल जाते हैं। यहां का कोई भी व्यक्ति शराब नहीं पीता है। इसे को हम भारत का हाईटेक और डिजिटल गाँव बोल सकते हैं।