फर्जी ई मेल के सहारे चीन से दिल्ली आये वो 78 लोग कौन थे- सीबीआई कर रही जांच

नई दिल्ली (24 सितंबर): 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2014 तक हुए एक हेल्थ कॉनक्लेव में शमिल होने वाले चीनी प्रतिनिधियों की आड़ में दिल्ली आने वाले लोग कौन थे। उनका मकसद क्या था।  क्या ये चीनी के जासूसों का बड़ा दल था और अपना मिशन पूरा करके वापस चला भी गया... और भारत की खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। दो साल बाद अब इसकी जानकारी मिली तो जांच सीबीआई को सौंपी गयी है। सीबीआई ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की है। 

सबसे चौंका देने वाली बात है कि ये सभी चीनी  हेल्थ कॉनक्लेव में हिस्सा लेने के लिए भारत के वैध वीसा पर आये थे, और भारत की किसी भी एजेंसी ने उन्हें एनओसी भी जारी नहीं किया था। दो साल बाद मामला सामने आने के बाद गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत खुफिया विभाग के आला अधिकारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रहीं थीं। पता चला है कि बीजिंग स्थित भारतीय मिशन ने चीनी नागरिकों की स्क्रीनिंग के लिए लिखा तो गृहमंत्रालय से ईमेल आया कि स्क्रीनिंग की आवश्यकता नहीं है। 

इसी के बाद भारतीय मिशन ने उन्हें वीजा जारी कर दिया। यह बात प्रकाश में आने के बाद सरकार के कान खड़े हो गये हैं। यह भी कयास लगाया जाने लगा है कि बीजिंग के भारतीय मिशन में चीनी जासूस भीतर तक घुस चुके हैं। जिन्होंने बीजिंग से भेजे गये मेल का फर्जी जवाब बनाकर वापस भेज दिया।