'नटवरलाल' गिरफ्तार: कभी बना स्टेशन मास्टर तो कभी मजिस्ट्रेट

नई दिल्ली (2 अप्रैल): 125 से अधिक मामलों में आरोपी रहे व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 77 साल के इस आरोपी पर अधिक्तर चोरी के मामले दर्ज हैं। बता दें इससे पहले यह आरोपी 95 बार गिरफ्तार हो चुका है। इस बार उसे पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के वकील की कार चोरी के मामले में पकड़ा गया है।

दो महीने तक मजिस्ट्रेट बन करता रहा काम धोखाधड़ी में माहिर यह आरोपी दस्तावेजों में फेरबदल कर दो महीने तक हरियाणा के झज्जर में मजिस्ट्रेट बनकर कोर्ट में काम किया था। डीसीपी (पश्चिम) पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि आरोपी धनीराम मित्तल को इंस्पेक्टर राजपाल डबास की टीम ने गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि कभी पेशे से वकील रहा धनीराम मित्तल चंडीगढ़ में भगोड़ा अपराधी है और उसे 'सुपर नटवरलाल' तथा कार चुराने वाले नेटवर्कों में 'भारतीय चार्ल्स शोभराज' के नाम से जाना जाता है।

फर्जीवाड़े में नंबर वन, कर चुका है एलएलबी > भिवानी का रहने वाला यह आरोपी ग्रेजुएशन के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छह साल तक स्टेशन मास्टर के पद पर काम करता रहा और अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। > रोहतक में आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनवाने लगा।  > गाड़ियों के नकली कागजात बनवाने के केस में वह पहली बार 1964 में गिरफ्तार किया गया था। > धनीराम एलएलबी पास है। वो 52 साल से धोखाधड़ी की वारदातें कर रहा है।