जयललिता के निधन से लोग दुखी, 77 की मौत

चेन्नई (8 दिसंबर): AIADMK प्रमुख जयललिता के निधन की खबर सुनकर दुख और सदमे की वजह से 77 लोगों की मौत हो गई। पार्टी ने मरने वालों के परिवार को 3 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है।

दुख और सदमे से मरने वालों की तादाद तो बताई गई है, पर यह नहीं बताया है कि इनमें पुरुष और महिलाएं कितनी हैं। साथ ही, ये भी कि ये लोग प्रदेश में कहां के रहने वाले थे।

MGR के निधन के बाद हिंसा में 29 लोग मारे गए थे

- मुरुथुर गोपालन रामचंद्रन (MGR) ने डीएमके से अलग होकर 1972 में एआईएडीएमके पार्टी बनाई और 5 साल बाद ही सीएम भी बन गए।

- फॉलोअर्स MGR को भगवान से कम नहीं मानते थे। MGR के निधन के वक्त पूरे तमिलनाडु में दंगे शुरू हो गए थे।

- उस वक्त की मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं, "भीड़ ने दुकानों, सिनेमाघरों, पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टी को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।"

- MGR के फ्यूनरल को अब तक के सबसे ज्यादा वॉयलेंट फ्यूनरल में से एक माना जाता है।

- इस अंतिम संस्कार में 10 लाख लोग शामिल हुए थे, जिन्हें संभालना पुलिस के लिए नामुमकिन साबित हो रहा था।

- इसी दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें 29 लोगों की जान चली गई और 47 पुलिसवाले बुरी तरह घायल हो गए।

- बता दें एमजीआर जयललिता के मेंटर थे। वे ही अम्मा को राजनीति में लाए थे।

- रिपोर्ट्स के मुताबिक, MGR की मौत के बाद दुखी होकर 30 लोगों ने खुदकुशी भी कर ली थी।