गांधीजी का शब्द 'करेंगे या मरेंगे' एक अजूबा था: संसद में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली(9 अगस्त): आज 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिरह है। इसे अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है। संसद के दोनों सदनों में आज इस पर विशेष चर्चा हो रही है। 

संसद में पीएम मोदी ने क्या कहा...

- आइये हम 2022 तक भारत को गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, सांप्रदायिकता से मुक्त करने का संकल्प लें और 'न्यू इंडिया' का सपना पूरा करेंः पीएम मोदी

- भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिरह पर पीएम मोदी ने किया ट्वीट, '1942 में भारत को अंग्रेजों से आजाद कराना था, आज मुद्दे बदल गए हैं।'

- बापू के बारे में सोहनलाल द्विवेदी ने कविता में कहा था, 'चल पड़े दो डग जिस मग में चल पड़े कोटि पग उसी ओर।' : पीएम मोदी

- जब हम एक होकर, संकल्प लेकर, पूरे सामर्थ्य के साथ जुट जाते हैं, तो हम देश को गुलामी के जंजीरों से बाहर निकाल सकते हैंः लोकसभा में पीएम मोदी

-यह भारत की प्रबल इच्छाशक्ति का परिणाम था। संकल्प लेकर जब हम निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में लग जाते हैं तो कुछ भी कर सकते हैंः पीएम मोदी

- ब्रिटिश उपनिवेशवाद की शुरुआत भी भारत से हुई और अंत भीः पीएम मोदी

- रामवृक्ष वेनीपुरी जी ने लिखा 'देश ने स्वयं को क्रांति के हवन कुंड में झोंक दिया, मुंबई ने रास्ता दिखा दिया। आवागमन के साधन ठप हो चुके थे, जनता ने करो या मरो के गांधीवादी मंत्र को दिल में बैठा लिया था': पीएम मोदी

- देश मुक्ति के लिए छटपटा रहा था, किसी की भावनाओं में अंतर नहीं था। देश जब उठ खड़ा होता है तो 5 साल के भीतर बेड़ियां चूर चूर हो जाती हैं और मां भारती आजाद हो जाती हैंः पीएम मोदी

- गांधी जी ने कहा था कि 'हम पूर्ण स्वतंत्रता से कम किसी बात से संतुष्ट नहीं होंगे, करेंगे या मरेंगे': पीएम मोदी

- गांधी के मुंह से करेंगे या फिर मरेंगे शब्द देश के लिए अजूबा थाः लोकसभा में पीएम मोदी

-1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में ऐसा कोई नहीं था, जिसे इसने अपना नहीं माना थाः लोकसभा में पीएम मोदी

- 1942 ने देश को उस छोर पर ला दिया कि अब नहीं तो कभी नहीं। इसकी वजह से उस आंदोलन में देश का हर व्यक्ति जुड़ गया थाः पीएम मोदी

- भारत छोड़ो आंदोलन आजादी के लिए अंतिम व्यापक जनसंघर्ष थाः पीएम मोदी

- आज अगस्त क्रांति के 75 साल हो गए हैं, मैं इस अवसर के लिए अध्यक्ष महोदया का आभारी हूंः पीएम मोदी

-पीढ़ी दर पीढ़ी इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों, महापुरुषों के बलिदान को पहुंचाने का हर पीढ़ी का दायित्व हैः लोकसभा में पीएम मोदी

- पीढ़ी दर पीढ़ी महापुरुषों के बलिदान को पहुंचाने का हमारा दायित्व हैः पीएम मोदी

-जीवन में ऐसी घटनाओं का बार-बार स्मरण एक नई ताकत देता हैः पीएम मोदी