इस प्रदेश में 73 सरकारी स्कूलों में 10वीं के सभी विद्यार्थी फेल

नई दिल्ली (29 मई): हमारे देश में सरकारी स्कूलों में किस तरह की शिक्षा दी जाती है, यह इस खबर से साफ पता चलता है। मणिपुर के 323 सरकारी स्कूलों में से 73 स्कूलों में 10वीं परीक्षा के विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत शून्य पाया गया है।

इन 73 स्कूलों का एक भी विद्यार्थी (जो कुल विद्यार्थियों का 22.6 फीसदी है) मणिपुर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एचएसएलसी) में पास नहीं हो पाया। यह परीक्षा एक मार्च से 19 मार्च तक ली गई थी। मणिपुर के 323 सरकारी स्कूलों के कुल 6,484 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। उनमें से तकरीबन 42.8 फीसद यानी 2,781 विद्यार्थी ही सफल हुए हैं। एचएसएलसी 2016 में राज्य के सफल विद्यार्थियों का प्रतिशत 61.52 फीसद है। यही नहीं, कुल 28 सरकारी स्कूलों में केवल एक-एक विद्यार्थी ही इस परीक्षा में सफल हो पाया है। यहां तक कि शीर्ष के 20 सफल विद्यार्थियों में से सरकारी स्कूल का एक भी विद्यार्थी नहीं है।

सीधा अर्थ यह है कि करदाताओं के लाखों रुपए खर्च कर चलाए जा रहे सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों के मुकाबले कमतर रहा है। एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों के खराब प्रदर्शन को काफी गंभीरता से लिया है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, साल दर साल स्थिति खराब होती जा रही है। जहां 2013 में 28 सरकारी स्कूल ऐसे थे, जिनका एक भी विद्यार्थी एचएसएलसी परीक्षा में सफल नहीं हो पाया। वहीं, 2014 में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 48 हो गई और 2015 में 70 हो गई।