मोदी सरकार का सैनिकों को एक और तोहफा, मिलेंगी ये 72000 खतरनाक राइफल

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 फरवरी): पिछले दिनों सदन में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि इनके समय में सेना सर्जिकल स्ट्राइक कहा से करती, क्योंकि यूपीए के समय में सेना के पास पर्याप्त बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं थी। ऐसे में सेना को और भी मजबूत बनाते हुए केंद्र सरकार ने अमेरिका से 72 हजार सिग सॉअर असॉल्‍ट राइफल खरीदने का कॉन्‍ट्रेक्‍ट साइन किया है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि यह सौदा फास्‍ट ट्रेक प्रोसीजर के तहत होगा। ये राइफलें भारतीय सेना को दी जाएंगी। इन राइफल की लंबे समय से मांग चल रही थी। हाल के सालों में भारत की ओर से यह सबसे बड़ी राइफल खरीद होगी। इन राइफल का इस्‍तेमाल भारतीय सेना चीन से लगती सीमा पर करेगी। इससे पहले फरवरी के शुरू में रक्षा मंत्रालय ने इन राइफलों को खरीदने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी थी। राफइलों की खरीद को सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वर्तमान में ये राइफलें अमेरिकी सेना के साथ ही यूरोप के कई देश भी इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

सौदे से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया, 'अमेरिकी कंपनी को सौदा तय होने के एक साल के अंदर राइफलें डिलीवर करनी होंगी।' सेना के सूत्रों का कहना है कि नई वाली राइफलें इन्‍सास राइफलों की जगह लेंगी। अक्‍टूबर 2017 में सेना ने लगभग सात लाख राइफल, 44 हजार लाइट मशीन गन (एलएमजी) और 44600 कार्बाइन की खरीद की प्रक्रिया शुरू की थी। लगभग 18 महीने पहले सेना ने इशापुर में सरकारी राइफल फैक्‍ट्री में बनी असॉल्‍ट राइफल को खारिज कर दिया था। यह राइफल फायरिंग टेस्‍ट में फेल रही थी।

इसके बाद सेना ने वैश्विक बाजार से राइफल खरीदने का काम शुरू किया था। सेना के लिए जरूरी राइफलों की खरीद में काफी देरी हो चुकी है। सेना को लगभग सात लाख 7.62x51 एमएम की राइफलों की जरूरत है।