निर्यात कम होने से 70 हजार की रोजी-रोटी छिनी

नई दिल्ली (18 सितंबर): भारत के निर्यात व्यापार में कमी आने के कारण करीब 70,000 लोगों को अपनी रोजी-रोटी गंवानी पड़ी है। यह खुलासा एसोचैम और थॉट आर्बिट्रिज के संयुक्त अध्ययन में हुआ है। 

- एसोचैम और थॉट आर्बिट्रिजरिपोर्ट कहती है कि निर्यात में गिरावट से टेक्सटाइल्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर मिले रोजगार में बड़ी कटौती हुई। इससे इस बात को जोर मिलता है कि रोजगार सृजन मुख्य रूप से घरेलू मांग के आधार पर होना चाहिए।

- रिपोर्ट कहती है कि यह चिंता का विषय है।  ज्यादातर एक्सपोर्ट के माल बनाने वाली इकाइयां कॉन्ट्रैक्चुअल वर्कर्स पर निर्भर रहती हैं। इसलिए इन सेक्टर्स के वर्करों की भारी तादाद में छंटनी से निर्यात इकाइयों की स्थिति बदतर हो सकती है।

- लेदर सेक्टर की नौकरियों में थोड़े इजाफे को छोड़ दें तो करीब-करीब सात सेक्टरों में रेग्युलर और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स, दोनों की भारी छंटनी हुई।