नोटबंदी में सरकार से हुई ये 7 बड़ी चूक, जनता को उठाना पड़ रहा है खामियाजा


प्रशांत गुप्ता, नई दिल्ली (12 नवंबर):
नोटबंदी के बाद अपने ही पैसों को प्राप्त करने के लिए लोग बेहाल होने लगे हैं। सवाल उठने लगे हैं कि क्या सरकार को थोड़ी और तैयारी कर लेनी चाहिए थी। जिनके घर शादियां हैं या फिर जिनके मरीज अस्पतालों में भरती हैं उन्हें ready cash की जरूरत है जो उन्हें बड़ी मात्रा में मिल नहीं रहे। उनका धैर्य सबसे पहले टूट रहा है।

ऐसे लोगों का कहना है कि सरकार हड़बड़ी कर गई और बिना किसी खास तैयारी के नोटबंदी के फैसले के साथ मैदान में कूद पड़ी है।

सरकार से कहां हुई है चूक...

चूक नंबर -1: ATM मशीन जरूरत से काफी कम
फिलहाल 100 के नोट की मांग सबसे ज्यदा है लेकिन उनकी उपलब्धता बहुत कम। देश में फिलहाल 2 लाख 20 हजार ही ATM मशीने हैं, लेकिन उनकी जरूरत इस वक्त करोड़ों लोगों को हैं। ATM मशीनो के बाहर लंबी लाइने इसी वजह से हैं। छोटा नोट होने की वजह से लोगों को ज्यादा संख्या में 100 के नोट चाहिए होते हैं,
जिसकी वजह से ATM मशीन जल्द ही खाली हो जाती हैं। लेकिन उनके भरने का हिसाब उनके खाली होने के हिसाब से तारतम्य नहीं बिठा पा रहा और नतीजा लंबी कतारें हैं। जरूरत कुछ ज्यादा ATM machine पहले से ही इंतजाम कर लेने की थी।

चूक नंबर- 2: नकद ढोने वाले Cash Van की कमी
जो वैन ATM मशीन तक कैश पहुंचाते हैं, अब उनके ज्यादा चक्कर लगाने की मांग हो रही है। लेकिन आमतौर पर नीजि क्षेत्र द्वारा चलाए जाने वाले कैश वैन की संख्या सीमित है। जिसकी वजह से ATM मशीनों में जरूरत के मुताबिक कैश नहीं पहुंच पा रहा। अगर ज्यादा कैश वैन का इंतजाम कर लिया जाता तो ATMs के बाहर भीड़ भड़क्के की समस्या नहीं आती।

चूक नंबर- 3: बैंकों में स्टाफ का पूरा इंतजाम नहीं है
सरकार के फैसले की वजह से अचानक बैंकों में भीड़ लग गई है। कोई deposit करना चाह रहा है तो कोई withdrawl करना चाह रहा है। ग्राहकों की बढ़ी हुई तादाद को डील करने के लिए उतने स्टाफ बैंक में नहीं हैं। नतीजतन अफरा-तफरी का माहौल हो गया है। लोगों को डिपोजिट जैसे अपने छोटे-छोटे काम के लिए भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।

चूक नंबर- 4: फैसला सार्वजनिक करने के पहले पर्याप्त नोट नहीं छापे गए
सरकार ने 500 का नोट बंद कर दिया। हालांकि 500 रुपये के नए नोट लोगों को कल से ही मिलने चाहिए थे,
लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। 2000 के नए नोट जो मिले हैं उनके छुट्टे की समस्या है। 100 रुपये के नोट बहुत ही कम पड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने विकट समस्याएं खड़ी हो रही हैं जो बैंकों के बाहर घंटों खड़े रहने के बाद भी निदान नहीं पा रहीं।

चूक नंबर- 5: बैंक और ATM मशीनों के बाहर सुरक्षा के इंतजाम नहीं
ऐसा देखा जा रहा है कि लंबी लंबी कतारें और परेशान लोग की वजह से ATM और बैंकों के बाहर धक्का मुक्की और मारपीट तक हो जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था माकूल नहीं है और इस बारे में फैसले के पहले शायद सोचा भी नहीं गया था।

चूक नंबर- 6: फैसले की टाइमिंग
फिलहाल उत्तर भारत में शादियों का सीजन है। दिल्ली NCR में तो एक ही दिन में 40- 40 हजार शादियां हो रही हैं। इस फैसले के अचानक आ जाने से वैसे परिवार फंस गए हैं जिनके यहां शादियां हैं। उनके पास कैश की उपलब्धता बिल्कुल नहीं है और शादी की जरूरतें ढेर सारी।

इसके अलावा गांव देहात में बुआई का समय है लेकिन बीज और खाद के लिए किसानो के पास पैसे कम पड़ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीण अंचल में ATM नेटवर्क पूरे देश में सिर्फ 36000 ही है। विपक्ष भी कह रहा है कि सरकार बिना किसी तैयारी के ही मौदान में कूद पड़ी और जनता को कतार में खड़ा कर दिया।

चूक नंबर- 7: पर्यटकों के लिए कोई इंतजाम नहीं
सभी की तरह पर्यटकों को कोई पूर्व सूचना थी नहीं लिहाजा देशी विदेशी पर्यटक जो जहां थे, वहीं फंस गए हैं। उनके लिए सरकार ने घोषणा के बाद बी कोई स्पेशल इंजताम नहीं किया, कोई गाइडलाइन नहीं। देश के अलग हिस्सों में जहां के तहां पर्यटक फंसे हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सरकार कुछ बुनियादी चीजों पर ध्यान दे देती तो लोगों को ऐसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता।