'दुनिया में 6.56 करोड़ लोग विस्थापित'

नई दिल्ली(20 जून): सीरिया, दक्षिण सूडान और दूसरी जगहों पर संघर्ष, हिंसा और यातनाओं के कारण 2016 के अंत तक रिकार्ड 6.56 करोड़ लोग विस्थापित हुए थे।

- संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या 2015 के अंत तक विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या से केवल 3,00,000 ज्यादा है जबकि 2014 के अंत तक के आंकड़े से 60 लाख अधिक है।

- संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आयुक्त (यूएनएचसीआर) फिलिपो ग्रांदी ने रिपोर्ट जारी किए जाने से पहले पत्रकारों से कहा, 'हमने जब से ये आंकड़े दर्ज करने शुरू किए हैं तब से अब तक की यह सबसे बड़ी संख्या है।'

- उन्होंने कहा, 'किसी भी हिसाब से, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते और इससे संकटों को रोकने और सुलझाने में एकजुटता और आम उद्देश्य की आपात जरूरत का पता चलता है।'

- विश्व शरणार्थी दिवस से पहले जारी किए गए आंकड़े से पता चलता है कि केवल पिछले साल ही दुनिया भर के 1.03 करोड़ विस्थापित लोग अपने घरों से पलायन करने को मजबूर हुए, जिनमें वे 34 लाख लोग शामिल हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार की और शरणार्थी बन गए। यूएनएचसीआर ने एक बयान में कहा, 'इसका मतलब है कि हर 3 सेकेंड में एक व्यक्ति विस्थापित हो रहा है, जो इस वाक्य को पढ़ने में लगने वाले समय से भी कम है।'