62 लोगों के पास है दुनिया की आधी दौलत

नई दिल्ली (19 जनवरी): आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया भर के आधे रिसोर्सेस और दौलत पर 62 लोगों का कब्जा है। जितनी दौलत 62 लोगों के पास है उतनी ही दौलत इस दुनिया की आधी आबादी के पास है। एक अंतरर्राष्ट्रीय संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2010 से लेकर अबतक अमीर और अमीर हो गए जबकि गरीब बेहद गरीब हो गया।

दौलत का अंबार, ऐशो आराम, अरबो, खरबो रुपए, ये कल कारखाने, दुनिया भर में फैले नेचुरल रिसोर्सेस गरीबों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। इन तमाम चीजों पर चंद लोगों का कब्जा है। दुनिया भर के 62 अमीर लोगों के पास दुनिया भर की आधी आबादी के बराबर दौलत है।

ऑक्सफैम नाम के संस्था ने दावोस में आज से शुरू हो रहे वर्ल्ड इकोनोमिक फॉर्म में ये रिपोर्ट पेश किया जा रहा है। इसमें बताया गया है कि 62 अमीर लोगों की संपत्ति 2010 से लेकर अबतक 44 प्रतिशत तक बढ़ गई जबकि दुनिया के 35 करोड़ गरीबों के पास धन में 41 प्रतिशत की गिरावट आई है। यानी अमीरों की दौलत में 11 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई और गरीब आबादी की दौलत में करीब 67 हजार करोड़ रुपए की गिरावट आई।

अमीर लोगों में आधे अमेरिका से, 17 यूरोप से और बाकी अन्य देशों में हैं। दुनिया के 1 फीसद अमीर लोगों के पास 99 फीसद लोगों से ज्यादा दौलत है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि हर साल अमीर-गरीब की खाई बढ़ती जा रही है। मुट्टी भर लोगों के हाथों में दुनिया भर की दौलत सिमटती जा रही है और गरीबों को हिस्से में कटौती हो रही है। सबसे ज्यादा इसका असर पिछले चंद सालों में देखा गया है।

अमीर बनाम गरीब 2011 में 388 अमीरों के पास दुनिया के आधे रिसोर्सेस थे जबकि  2014 में सिर्फ 88 अमीरों के पास ये दौलत सिमट गई और  2015 में तो दुनिया भर की आधी दौलत सिर्फ 62 अमीरों के पास सिमट गई 

यानी पूरी दनिया की अर्थ व्यवस्था मुठ्ठी भर लोगों के हाथों में है, जो अप्रत्यक्ष रूप से जनतांत्रिक देशों में संकट पैदा कर सकता है और दुनिया भर के गरीबों के लिए मुसीबत बन चुके हैं।

रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था ऑक्सफेम के चीफ ने कहा, "एक ऐसी दुनिया में जहां हर नौ में से एक शख्स हर रात भूखे पेट सोता हो, वहां इन अमीर लोगों को केक का सबसे बड़ा टुकड़ा देना सहज नहीं है।"