गुजरात में 2011-12 के दौरान पुलिस, न्यायिक हिरासत में हुई 61 मौतें

नई दिल्ली (26 मार्च): गुजरात में साल 2011-12 के दौरान कस्टडी में होने वाली मौतों के 61 मामले सामने आए। राज्य मानवाधिकार आयोग (जीएसएचआरसी) की तरफ से विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट में यह आंकड़ा सामने आया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान हुई कुल मौतों में से 51 मामले प्राकृतिक मृत्यु के हैं। जबकि, 7 मामले खुदकुशी के और 3 अप्राकृतिक और संदिग्ध हैं। जीएसएचआरसी ने 2011-12 की वार्षिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। यह रिपोर्ट मंगलवार को विधानसभा में पेश की गई।

कुल मौतों में से 8 मामले पुलिस कस्टडी में हुई मौतों के हैं। जबकि, 53 न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान हुए। 24 मौतें केवल अहमदाबाद शहर में हुईं। वार्षिक रिपोर्ट में 24 में से एक मृत्यु अप्राकृतिक और संदिग्ध बताई गई है। वडोदरा शहर दूसरे स्थान पर है, जहां हिरासत में रहने के दौरान 10 मौतें हुईं। हालांकि, कोई भी अप्राकृतिक मौत शहर में दर्ज नहीं की गई है। 

इसके अलावा जूनागढ़ में 4 अप्राकृतिक मौते दर्ज की गईं। अहमदाबाद शहर के अलावा जहां अप्राकृतिक मौतें दर्ज की गईं, उनमें दो अप्राकृतिक और संदिग्ध मौतें पुलिस हिरासत में दर्ज की गईं, वे हैं राजकोट शहर और दाहौद। हिरासत में खुदकुशी के मामले जहां दर्ज किए गए उनमें शामिल हैं- अहमदाबाद रूरल, मेहसेना, राजकोट रूरल, जूनागढ़, अमरेली, वालसाद और नवसारी।

हालांकि, इस रिपोर्ट में उन कदमों के बारे मे कोई जानकारी नहीं है, जो अप्राकृतिक और संदिग्ध मौतों के मामले में उठाए गए। इस रिपोर्ट में उन मामलों की सूची भी दी गई है, जहां एसएचआरसी ने अखबारों की रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया।