केरल के पादरी को छुड़ाने के लिए 4 से 5 साल के बच्चों ने लिखा पीएम मोदी को लेटर

नई दिल्ली(13 फरवरी): तिरुवनंतपुरम के 60 बच्चों ने पादरी टॉम उजहूनालिल (55) की रिहाई के लिए पीएम मोदी को लेटर लिखा है। बता दें फादर टॉम को आतंकी संगठन आईएसआईएस ने सदर्न यमन के शहर अदन से 4 मार्च को अगवा किया था। जिन बच्चों ने मोदी को लेटर लिखा है, उनकी उम्र चार से पांच साल है।

- ये बच्चे कोच्चि के पास कुमबलांगी स्थित सेक्रेड हार्ट चर्च से जुड़े हुए हैं।

- बच्चों ने लेटर को हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम में लिखकर एर्नाकुलम के सांसद प्रो. केवी थॉमस को दिया है।

- चर्च से जुड़े लोगों के मुताबिक, बच्चों के पेरेंट्स और अन्य पादरियों ने उनको लेटर लिखने में मदद दी।

- थॉमस ने कहा, "जितनी जल्दी होगा, मैं इस लेटर को पीएम मोदी तक पहुंचा दूंगा।"

- "मैं मंगलवार रात को दिल्ली जाने का प्लान कर रहा हूं। कोशिश करूंगा कि मोदी से बुधवार या फिर शुक्रवार को अप्वाइंटमेंट मिल जाए। एक पादरी और 20 मेंबर्स भी दिल्ली आकर मोदी से मुलाकात करेंगे।"

- इससे पहले फादर टॉम की रिहाई के लिए केरल के कई हिस्सों में प्रार्थना की गई और लोगों ने मोमबत्तियां जलाई।

- फादर टॉम को 4 मार्च, 2016 को अदन के एक ओल्ड एज होम से अगवा कर लिया गया था। यहां 15 लोगों की हत्या भी कर दी गई थी।

- इसके बाद टॉम का खुद को बचाने की गुहार लगाने वाला एक वीडियो सामने आया था। इसमें टॉम ने प्रणब मुखर्जी, नरेंद्र मोदी, पोप फ्रांसिस और क्रिश्चियन कम्युनिटी से मदद की अपील की थी।

- दिसंबर में सामने आए एक वीडियो में फादर टॉम काफी कमजोर दिख रहे थे और बार-बार लड़खड़ाती आवाज में अपने सामने लिखी लाइनों को पढ़ते रहे थे।

- उन्होंने कहा, "डियर पोप फ्रांसिस, डियर होली फादर, एक पिता के रूप में प्लीज मेरी लाइफ का ख्याल करें। मैं बेहद निराश हूं, मेरी सेहत बिगड़ती जा रही है।"

- फॉदर टॉम ने दावा किया कि किडनैपर्स ने भारत सरकार, प्रेसिडेंट और प्राइम मिनिस्टर से कई बार कॉन्टैक्ट किया।

- वह कहते हैं, "मैं बेहद दुखी हूं, मेरे बारे में किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मेरी रिहाई को लेकर सब कुछ तय हो चुका है, पर असलियत कुछ और लगती है।"

- फादर कहते हैं, "मिडल ईस्ट से किडनैप किए गए एक न्यूज रिपोर्टर को रिहा कर दिया गया, क्योंकि वह फ्रांस की थी।"

- "डियर पीपुल, मेरी आप सबसे अपील है, मेरी मदद करिए, मेरी जिंदगी बचाइए, मुझे जल्द इलाज की जरूरत है।"