6 साल के बच्चे ने जीआरपी को फोन कर कहा- ‘होटल ताज को उड़ा दिया जाएगा’

मुंबई (5 जनवरी) : ये वाकया चौंकाने वाला है। साथ ही बताता है कि टीवी सीरियल्स और फिल्मों का बच्चों पर किस तरह का असर पड़ता है। टीवी सीरियल और एक मराठी फिल्म से प्रभावित 6 साल के एक बच्चे ने मुंबई में एंटी टेरेरिज़्म स्क्वॉड (एटीएस) को छका कर रख दिया। पहली क्लास में पढ़ने वाले इस बच्चे से एटीएस के अधिकारी दो दिन तक पूछताछ करते रहे। फिर उसे छोड़ा गया।

इस बच्चे ने गवर्मेंट रेलवे पुलिस(जीआरपी) हेल्पलाइन को कॉल कर कहा था कि वो एक पाकिस्तानी है और एक आतंकी होटल ताज महल पैलेस और गेटवे ऑफ इंडिया के एक टॉवर को उड़ाने जा रहा है।

मिडडे की रिपोर्ट के मुताबिक ठाणे एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉड और जीआरपी ने बच्चे से उसके घरवालों की मौजूदगी में पूछताछ की। बच्चे ने ये कॉल 30 दिसंबर को की थी। उस वक्त होटल में नववर्ष समारोह की तैयारियां जारी थीं। इससे पहले इंटेलीजेंस ब्यूरो का भी अलर्ट था। जीआरपी के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसी सूरत में हमने इस कॉल को गंभीरता से लिया।  

30 दिसंबर की रात तक पुलिस डोम्बिवली में बच्चे के घर तक पहुंच गई थी। ठाणे एटीएस के एक अधिकारी के मुताबिक कॉल दोपहर को एक टीनएजर लड़की के मोबाइल से की गई थी। लड़की ने बताया कि उसका 6 साल का भाई मोबाइल से अक्सर खेलता रहता है। जब बच्चे से पूछा गया तो उसने कॉल करने से इनकार किया।

एटीएस अधिकारी ने बताया कि बच्चे की मां से भी पूछताछ की गई। मां ने याद कर बताया कि जब वो दोपहर को किचन में थी तो उसने बच्चे के मुंह से पाकिस्तान का शब्द सुना था।   

एटीएस अधिकारियों ने बच्चे से फिर पूछताछ की और उसे जीआरपी कंट्रोल रूम को दोबारा फोन करने के लिए कहा। जीआरपी कॉन्सटेबल, जिसने पहली बार कॉल रिसीव की थी, उसने बच्चे की आवाज़ को पहचान लिया। बच्चे से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बात की गई। एटीएस अधिकारी ने कहा, बच्चे की उम्र को देखते हुए उसे छोड़ दिया गया।