1 अक्टूबर से बदलेंगे ये 6 नियम, आपके लिए जानना है जरूरी...

नई दिल्ली (28 सितंबर): शायद बहुत से लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होगी कि 1 अक्टूबर से उनकी जेब पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। बैंक, जीएसटी और टेलीकॉम सेक्‍टर से जुड़े 6 नियम बदलने के बाद लोगों को 1 अक्टूबर से जेब ढीली करनी पड़ सकती है। हालांकि कुछ चीजों में लोगों को राहत भी मिलेगी।

1 अक्टूबर से लोगों को नई एमआरपी पर सामान मिलेगा। वहीं मिनिमम अकाउंट बैलेंस लिमिट भी कम हो जाएगी।

30 सितंबर के बाद बदलेगा ये सब...   1: नई MRP के साथ मिलेगा सामान - 1 अक्‍टूबर से नई एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइज) पर सामान मिलेगा। 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने कारोबारियों को 30 सितंबर तक पुराने सामान पर नई एमआरपी का स्टिकर लगाकर बेचने की सुविधा दी थी।   2: SBI में कम हो जाएगी मिनिमम बैलेंस लिमिट - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मिनिमम अकाउंट बैलेंस के नियमों में बदलाव किया है है। इसके तहत 1 अक्टूबर से मेट्रो सेंटर्स में यह मिनिमम अकाउंट बैलेंस लिमिट 5000 रुपए से घटकर 3000 हो जाएगी। - अब मेट्रो और अर्बन सेंटर को एक ही कैटेगरी में माना जाएगा। मिनिमम बैलेंस चार्ज में भी 20% से 50% तक कटौती की गई है। - इसके साथ ही बैंक अब नाबालिगों, पेंशनर्स और सब्सिडी के लिए खोले गए अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस का चार्ज वसूल नहीं करेगी। - एसबीआई ने कहा है कि इससे करीब 5 करोड़ अकाउंट होल्‍डर्स को फायदा होगा।   3: SBI में अकाउंट क्‍लोज कराने का चार्ज नहीं लगेगा - 1 अक्‍टूबर से एसबीआई अपने कस्टमर्स से अकाउंट खोलने के एक साल बाद उसे क्लोज कराने पर कोई चार्ज नहीं लेगा। - अकाउंट खोलने के 14 दिन के अंदर भी उसे क्लोज कराया जाता है तो उस पर चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन 14 दिन के बाद और एक साल पूरा हाेने से पहले अकाउंट क्लोज कराया तो 500 रुपए और जीएसटी देना होगा। - अकाउंट होल्डर की मौत के बाद उसके अकाउंट का सेटलमेंट करने और अकाउंट बंद करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। - अब तक एसबीआई में सभी तरह के अकाउंट बंद कराने या सेटल कराने पर 500 रुपए और जीएसटी देना होता था।   4: मर्ज हुए बैंकों के चेक नहीं लेगा SBI - 1 अक्टूबर से एसबीआर्इ उसके साथ मर्ज हुए बैंकों और भारतीय महिला बैंक के पुराने आईएफएससी वाले चेक नहीं लेगा। - जिन बैंकों के पुराने चेक नहीं लेना का फैसला किया गया है उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (SBH), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (SBM), स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (SBP), स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (SBT) और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं। - एसबीआई ने इन बैंकों के कस्टमर्स से कहा है कि वे नई चेक बुक के लिए अप्लाई कर दें।   5: टोल प्लाजा पर लाइन नहीं लगानी होगी - 1 अक्‍टूबर से नेशनल हाईवे पर बने सभी टोल प्‍लाजा पर फास्‍टैग लगी गाड़ियां बिना रुके गुजर सकेंगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) के मुताबिक, सभी टोल प्‍लाजा पर शुक्रवार से डेडिकेटिड फास्‍टैग लेन तैयार हो गई है। इस लेन पर ऑपरेशन भी शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने पिछले साल फास्‍टैग लॉन्‍च किया था। - फास्‍टैग सिस्टम में गाड़ी के शीशे पर एक टैग लगाया जाता है। टोल प्‍लाजा पर लगी डिवाइस उसे रीड कर लेती है और टोल टैक्स टोल प्लाजा के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। फास्‍टैग को रिचार्ज कराना भी आसान है। इसे ऑनलाइन भी रीचार्ज किया जा सकता है। कई बैंकों को इसके लिए ऑथराइज्ड किया गया है।   6: कॉल रेट कम हो सकता है - 1 अक्टूबर से टेलीकॉम  रेग्युलेटर ट्राई ने इंटरकनेक्‍शन यूजेस चार्ज (IUC) में 50% से ज्यादा कटौती करने का फैसला लिया। - इसके बाद मोबाइल टर्मिनेशन चार्ज 14 पैसे प्रति मिनट से घटकर 6 पैसे प्रति मिनट हो जाएगा है। - IUC वह फीस होती है, जिसे टेलीकॉम कंपनियां उस दूसरी टेलीकॉम कंपनी को देती हैं, जिसके नेटवर्क पर उनकी कॉल खत्म होती है।