5000 साल पुराने हिंदुस्तान के विमान का अफगानिस्तान में मिलने का दावा

नई दिल्ली ( 13 जनवरी ): भारत की कई पौराणिक कहानियों में उड़ने वाले विमान का जिक्र मिलता है। ऐसे विमान जिसमें देवता पलक झपक कर कहीं भी जा सकते थे। 2012 में भी अफगानिस्तान की एक गुफा में पांच हजार साल पुरानी ऐसी ही फ्लाइंग मशीन के मिलने का दावा किया गया था।

बताया गया कि ये महाभारत काल का विमान हो सकता है। 'कंट्रोवशियल फाइल' वेबसाइट की मानें तो ये फ्लाइंग मशीन अफगानिस्तान की किसी दुर्गम पर्वत श्रृंखला में कहीं दबी थी, जिसे खोजने के लिए यूएस आर्मी ने अफगान डेजर्ट में एक सीक्रेट स्काउट मिशन भी भेजा था। लेकिन वो आज तक नहीं लौटा। अब सवाल ये था कि आखिर उन सोल्जर्स के साथ क्या हुआ।

पौराणिक कहानियों के मुताबिक, ये विमान एक स्ट्रेंज एनर्जी से प्रोटेक्टेड था। इसलिए माना जा रहा है कि जब सोल्जर्स ने गुफा से विमान को निकालने की कोशिश की तो..वो सभी इसके 'टाइम वेल' में फंसकर गायब हो गए होंगे

क्या है टाइम वेल?

'टाइम वेल' विमान की प्रोटेक्टेड शील्ड है, ये इलेक्ट्रॉन मैग्नेटिक रेडिएशन ग्रैविटी फील्ड जैसा है। अल्बर्ट आइन्स्टीन ने अपनी यूनिफाइड फील्ड थ्योरी में इसका जिक्र किया था। इस विमान की इम्पोर्टेंस कितनी थी इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2012 की गर्मियों में यूएस प्रेसिडेंट ओबामा के अलावा, ब्रिटेन के एक्स पीएम डेविड कैमरन, एक्स फ्रेंच प्रेसिडेंट निकाेलस सरकोजी और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने सीक्रेट टूर किया था। लेकिन आज तक इस फ्लाइंग मशीन का राज नहीं खोला गया।