3-4 साल में बदल जाएंगे 500 और 2000 रुपये के नोट

नई दिल्‍ली (2 अप्रैल): मोदी सरकार ने पुराने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को बदला ताकि काले धन पर लगाम लगाई जा सके। लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार अब नई करेंसी की नकल पर नकेल कसने के लिए नोटों के सुरक्षा मार्क्‍स वैश्विक मानकों के अनुसार हर तीन चार साल में बदलने पर विचार कर रही है।


नोटबंदी के बाद हाल ही में बड़ी संख्‍या में नकली नोट पकड़े जाने के मद्देनजर सरकार यह कदम उठाने जा रही है।


- ज्‍यादातर विकसित देशों में करेंसी नोटों के सिक्‍योरिटी फीचर्स प्रत्‍येक तीन-चार साल में बदल दिए जाते हैं।

-  देश में उच्‍च मूल्‍य के करेंसी नोटों के डिजाइन में लंबे समय से कोई बदलाव नहीं किया गया।

- 1000 रुपए का नोट साल 2000 में आया था और उसके बाद नोट में कोई प्रमुख बदलाव नहीं किया गया।

- 1987 में 500 रुपए के नोट में 10 साल पहले कुछ बदलाव किए गए थे।

- नए लॉन्‍च हुए नोटों में भी कोई अतिरिक्‍त सुरक्षा फीचर नहीं है और इनके सुरक्षा फीचर की बात करें तो पुराने 1000 और 500 के नोट जैसे ही हैं।

- हाल ही में पकड़े गए 2000 रुपये के जाली नोटों में 17 में से 11 सिक्‍योरिटी फीचर्स की नकल की गई है।

- इनमें नोट के पारदर्शी क्षेत्र, अशोक स्‍तंभ, बायीं तरफ लिखा ‘Rs 2000’, रिजर्व बैंक और इंडिया के गवर्नर के हस्‍ताक्षर और गारंटी क्‍लॉज और देवनागरी में लिखा रुपए का मूल्‍य मिलता-जुलता था।

- इसके अलावा, चंद्रयान और स्‍वच्‍छ भारत के लोगो की भी नकल हूबहू की गई थी।