500-1000 रुपये के नोटों से भरे जायेंगे जमीनों के गडढे

नई दिल्ली (10 नवंबर): आरबीआई 500 रुपये और 1000 रुपये के उन तमाम नोटों को नष्ट करने की तैयारी में जुटा है, जो पीएम नरेंद्र मोदी के शब्दों में अब 'कागज के टुकड़े' रह गए हैं। हालांकि वापस लिए गए ये नोट बर्बाद नहीं होंगे।

आरबीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'हमने पूरी तैयारी कर ली है।' उन्होंने कहा कि ऐसी करेंसी को पतले-पतले टुकड़ों में काटा जाएगा और फिर उनका उपयोग किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, 'इन नोटों को इस तरह काटा जाएगा कि टुकड़ों को फिर से जोड़कर नोट न बनाया जा सके। फिर इन टुकड़ों को एक ह्यूमिडिफायर में डाला जाएगा, जो इन्हें ब्रिकेट्स यानी ईंट जैसे टुकड़ों में बदल देगा। हम इन टुकड़ों को कॉन्ट्रैक्टर्स को देंगे, जो मुख्य तौर पर इनका उपयोग गड्ढे भरने में करते हैं।'

अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं किया गया है कि नष्ट किए जाने वाले इन नोटों का कोई और इस्तेमाल होगा या नहीं। मार्च 2016 के अंत में 500 रुपये के 1570 करोड़ नोट सर्कुलेशन में थे। उस समय तक 1000 रुपये के 632.6 करोड़ नोट चलन में थे।