'बैंकों में वापस आया बैन हो चुकी करंसी का 97 प्रतिशत हिस्‍सा'

नई दिल्ली(5 जनवरी): पीएम मोदी के 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोट बैन करने के ऐलान के बाद करीब पूरा हिस्सा वापस बैंकिंग सिस्‍टम में आ चुका है।

- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैन की गई करंसी को जमा कराने की जो अवधि थी, उस वक्‍त तक इस करंसी का 97 प्रतिशत बैंकों में जमा कराया जा चुका है।

- ऐसा होना मोदी सरकार के लिए झटके की तरह है क्‍योंकि नोटबंदी के जरिए कालेधन और फर्जी नोटों को सिस्‍टम से बाहर करने की बात कही गई थी।

- बैंकों में इन पुराने नोटों को जमा कराने की अवधि 30 दिसंबर तक थी। इस मामले पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि इस अवधि तक बैंकों में 14.97 लाख करोड़ रुपये (220 अरब डॉलर) जमा कराए जा चुके हैं।

- इससे पहले सरकार ने अनुमान लगाया था कि कुल 15.4 लाख करोड़ रुपये की जो मुद्रा बाजार में है, उसमें से 5 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा कालेधन के रूप में है और नोटबंदी के फैसले के बाद यह बेकार हो जाएगी और वापस सिस्‍टम में नहीं आएगी। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।

- नोटबंदी के कारण पिछले महीनों में आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कैश की किल्‍लत बनी रही और आम लोग एटीएम और बैंकों में लाइन में खड़े रहे। इसकी वजह से आर्थिक विकास को भी चोट पहुंची है और कई क्षेत्रों में इसका व्‍यापक असर देखने को मिला है। हालांकि, तमाम परेशानियों के बावजूद आम लोग मोदी सरकार के इस फैसले का लगातार समर्थन करते आ रहे हैं। अब, जब यह साफ हो रहा है कि इस कदम से कालेधन पर चोट नहीं पहुंची तो निश्चित तौर पर इस कदम पर सवाल खड़े होंगे।