सैन्य अधिकरण का ऐतिहासिक फैसला, गलत कोर्ट मार्शल पर 5 करोड़ जुर्माना

नई दिल्ली(20 जनवरी): सशस्त्र सैन्य अधिकरण ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाए हुए कोर्ट मार्शल रद्द कर रक्षा मंत्रालय पर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया है।  

- अधिकरण ने  सेकेंड लेफ्टिनेंट रहे एसएस चौहान का कोर्ट मार्शल रद्द कर दिया और बहाल कर सेवा के सभी लाभ देने का भी आदेश दिया।  

- न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने 300 पेज के फैसले में कहा कि चौहान को 4 करोड़ रुपये दिए जाएं और एक करोड़ आर्मी सेंट्रल वेलफेयर कोष में जमा कराए।

- पीठ ने पीड़ित को छूट दी कि वह अपने ऊपर हुए हमले की एफआईआर भी दर्ज करा सकते हैं।

- अधिकरण ने सेना को आदेश दिया कि चौहान के खिलाफ की गई कई जांचों में प्रताड़ित करने और उसे फंसाने वालों के खिलाफ भी जांच कर सख्त कार्रवाई करे। जांच को चार महीने में पूरा करने को कहा।

- पीठ ने सेना प्रमुख को निर्देश दिया कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति बनाएं जिससे भविष्य में किसी के साथ ऐसा न हो। बाटमालू थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने को कहा। रक्षा मंत्रालय और सेना प्रमुख मिलकर बरामद किए गए सोने की बरामदगी के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति बनाएं।

- सशस्त्र सैन्य अधिकरणय ने कहा कि  यह मामला एक नौजवान, प्रतिभाशाली अधिकारी की ऑनर किलिंग जैसा है। एक महत्वाकांक्षी अधिकारी जिसने दो साल से कम सेना की नौकरी की थी, उसके करियर को उसी तरह काट दिया गया, जैसे किसी पौधे को उगने से पहले ही काट दिया जाए।