4th क्लास के सत्यम ने खोली 'केजरीवाल सरकार' की पोल

नई दिल्ली (22 अप्रैल): राजधानी दिल्ली में चौथी क्लास के सत्यम ने केजरीवाल सरकार के स्कूली शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सत्यम नाम के एक छात्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके सवाल खड़ा किया है कि नए सत्र के 20 दिन बीत जाने के बावजूद उसे नई किताबें और स्कूल ड्रेस क्यों नहीं मिली। बच्चे की अर्जी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और एमसीडी को नोटिस जारी कर 25 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है।

रोहिणी के सरकारी स्कूल में पढऩे वाले सत्यम रोज की तरह स्कूल तो जाता है लेकिन पढऩे के लिए ना उसके पास किताबे हैं ना ही स्कूल यूनिफार्म। अब सवाल है कि आखिर इतने दिन बीत जाने के बावजूद बच्चों को नई किताबें और ड्रेस क्यों नहीं मिली। जब सत्यम के स्कूल के इंचार्ज से इस बार में बात की गई तो उन्होंने भी माना कि बच्चों को कुछ ही किताबें मिल सकी हैं।   

छात्रों को बूनियादी सुविधाएं न मिलने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और एमसीडी को कड़ी फटकार लगाई। एमसीडी का कहना है कि जुलाई में टेंडर निकलने के बाद ही बच्चों को किताबें मुहैया कराई जा सकेंगी। उधर जब हमने इस मामले पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से बात करनी चाही तो वो इस मामले पर बोलना मुनासिब नहीं समझे हालांकि शिक्षा विभाग के संसदीय सचिव प्रवीण कुमार ने कहा कि हमारे एक गोदाम में आग लग गई थी जिसमे किताबें रखी थी। लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं कि 15 से 20 दिन में किताबे मुहैया हो जाएं।