इस जहाज पर लदी थी 48 टन चांदी

नई दिल्‍ली (26 जनवरी): 70 साल भी ज्यादा का वक्त बीत चुका जब हिन्दुस्तान के खजाने से लदा एक जहाज मुंबई से ब्रिटेन के लिए रवाना हुआ था, लेकिन अंग्रेजों का वो जहाज अटलांटिक महासागर की गहराइयों में कहीं खो गया। अंग्रेजों ने उस खजाने को खोजने की बहुत कोशिश लेकिन फिर जब बर्तानिया सरकार निराश हो रही थी, तभी मिला उस गुमनाम जहाज का मलबा।

कहा जाता है कि उस जहाज में लगभग 48 टन चांदी लदी हुई थी। यानी इतनी दौलत जो आज अगर हिन्दुस्तान की अर्थव्यवस्था में शामिल हो जाय तो हिन्दुस्तान की तस्वीर बदल सकती है, लेकिन समंदर में हुई लहरों की साजिश की वजह से हिन्दुस्तान का वो खजाना बर्तानिया सरकार की तिजोरी तक पहुंच नहीं पाया।

उस दौर में अंग्रेजों के पास एसएस गैरसोप्पा ऐसा जहाज हुआ करता था, जिसपर अंग्रेज नाज करते थे। इसकी वजह थी एसएस गैरसोप्पा की तकनीक और उसका डिजाइन। जी हां, उस वक्त एसएस गैरसोप्पा की तरह का जहाज अमेरिका के बेड़े में भी नहीं था। इतनी खूबियों से लैस होने के बावजूद भी एसएस गैरसोप्पा ने एक टक्कर के बाद महज 20 मिनट के भीतर ही समंदर में जल समाधि ले ली थी।

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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