रिटायरमेंट के लिए बचत में भारतीय फिसड्डी, 47% नहीं जोड़ रहे पैसा

नई दिल्ली (17 जुलाई): कोई भी कामकाजी व्यक्ति अपने रिटायरमेंट के लिए प्लैनिंग करता है। आम तौर पर रिटायरमेंट के बाद फाइनैंशल सिक्‍यॉरिटी को अहम माना जाता है, लेकिन भारतीय इस मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। 

एचएसबीसी रिपोर्ट में खुलासा -  भारत में काम करने वाली आबादी का 47 प्रतिशत बचत नहीं करती है। - एचएसबीसी की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में काम करने वाले 47 प्रतिशत लोगों ने अपने भविष्य के लिये या तो बचत करना शुरू नहीं किया।  - या फिर उन्होंने बचत करना रोक दिया है या फिर बचत करने में उन्‍हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  - रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस मामले में वैश्विक औसत से आगे है।  - बचत नहीं करने का वैश्विक औसत 46 प्रतिशत है। - एक ऑनलाइन सर्वे के बाद तैयार की गई है यह रिपोर्ट।  - सर्वे Ipsos MORI ने सितंबर और अक्‍टूबर 2015 में किया था।  - सर्वे में शामिल हुए 17 देशों के 18,207 लोग।