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गुजरात में कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मुख्यमंत्री का आश्वासन किया अनसुना

गुजरात में लगातार दूसरे दिन भी राज्य में सातवें वेतन को लागू करने की मांग को लेकर राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यात्रियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।

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न्यजू 24 ब्यूरो, अहमदाबाद, भूपेंद्र सिंह(फरवरी 22) : गुजरात में लगातार दूसरे दिन भी राज्य में सातवें वेतन को लागू करने की मांग को लेकर राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यात्रियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।

दिनभर करीब 45 हजार कर्मचारियों की कामछोड़ हड़ताल से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जीएसआरटीसी के हजारों कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए कल से काम छोड़ हड़ताल पर हैं। परिवहन निगम की बसों के नहीं चलने से राज्य के विभिन्न हिस्से में यात्री फंस गए। जीएसआरटीसी की 7,000 से ज्यादा बसें कल आधी रात के बाद से ही सड़कों पर नहीं उतरीं। ये बसें राज्य में निगम के विभिन्न डिपों में लगी रहीं।

जीएसआरटीसी यूनियन के मुताबिक वह पिछले करीब तीन साल से सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी हर बार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कर्मचारियों से हड़ताल तोड़ने का आह्वान किया है, लेकिन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन को भी अनसुना कर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया की उन्होंने लाभकारी लोक उद्यमों के कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग दिया है।

जीएसआरटीसी भारी घाटे में है इसलिए इसके कर्मचारियों को समान लाभ नहीं मिल सकता, हालांकि यूनियन इसके लिए भी सरकार को ही जिम्मेदार मान रहे हैं। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए निजी बस चालकों से अनुरोध कर पिकअप पॉइंट बनाये गए है, लेकिन उससे भी यात्रियों की परेशानी दूर नहीं हो रही है। यह हड़ताल राज्य परिवहन संचार समिति के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें गुजरात एसटी कर्मचारी संघ, गुजरात एसटी वर्कर्स फेडरेशन और गुजरात एसटी मजदूर संघ संगठन शामिल हैं। 

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