अब कश्मीर लौटना चाहते हैं POK भागे 4,000 युवा

श्रीनगर (2 जून): पिछले ढाई दशक में जम्मू-कश्मीर के करीब चार हजार युवा पाक अधिकृत कश्मीर में हथियारों की ट्रेनिंग लेने जा चुके हैं। अब ये वतन वापसी चाहते हैं। ये युवा जम्मू-कश्मीर में रह रहे अपने रिश्तेदारों-करीबियों से वापसी की लगातार गुहार लगा रहे हैं।

हालांकि इनकी वापसी को सुरक्षा एजेंसियां जोखिमभरा बता रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन हजारों युवाओं की वापसी देश और सेना के लिए खतरा बन सकती है। अधिकतर युवा कश्मीर घाटी, चिनाब घाटी और बॉर्डर पर बसे राजौरी और पुंछ जिले से ताल्लुक रखते हैं। इन युवाओं की घुसपैठ विरोधी नीति के चलते वतन वापसी मुश्किल है।

इन युवाओं को भारत में घुसपैठ कराने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन सीमा रेखा पर बाढ़ लगाने और घुसपैठ विरोधी अभियानों के कारण ये सफल नहीं हो सके। कुछ युवा अभी भी आतंकवादी संगठनों के साथ हैं। जम्मू-कश्मीर के तीन सौ से लेकर चार सौ युवा पीओके में सैन्य शिविरों में हथियारों की ट्रेनिंग ले रहे हैं। कई युवाओं ने वहां अपने घर-परिवार भी बसा लिए हैं। अधिकतर नब्बे के दशक वहां गए ये युवा वहां हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा, अल-बदर, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-एल-जेहाद जैसे इस्लामिक आतंकवादी संगठनों में सक्रिय हैं।