4,00,00,000 भारतीयों पर मंडरा रहा है ख़तरा, यूएन रिपोर्ट में किया गया आगाह

नई दिल्ली (20 मई) :  समुद्र का जलस्तर बढ़ने से भारत के करीब 4 करोड़ लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। जबकि बांग्लादेश के ढाई करोड़,  चीन के दो करोड़ और फिलीपींस के डेढ़ करोड़ लोग खतरे की जद में हैं। संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण संबंधी रिपोर्ट में इस खतरे को लेकर आगाह किया गया है।

ग्लोबल एन्वायरमेंटल आउटलुक(जियो-6) के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दक्षिणपूर्व एशिया में पैसिफिक और दक्षिणी क्षेत्र में इस बात का खतरा मंडराता जा रहा है। समुद्र के ‌किनारे बसने वाली बड़ी आबादी पर यह खतरा मंडरा रहा है। बढ़ता शहरीकरण मुबंई और कोलकाता जैसे शहरों के लिए भविष्य में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक समुद्र की सतह में इजाफा होने से दुनिया भर में जिन 10 देशों की आबादी सबसे ज्यादा प्रभावित होगी उनमें से सात देश एशिया प्रशांत क्षेत्र के हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों की फेहरिस्त में भारत सबसे उपर है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि एशिया में बसावट के तरीकों में परिवर्तन, शहरीकरण और सामाजिक-आर्थिक दर्जा ने जलवायु की चरम स्थितियों के खतरे और उससे दो-चार होने की आशंकाओं के अवलोकित रुझानों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनेक तटीय इलाके, विस्तार से गुजर रही शहरी बसावटों ने भी जलवायु की चरम स्थितियों से होने वाली घटनाओं से निबटने की प्राकृतिक तटीय प्रणालियों की क्षमता प्रभावित की है और वहां खतरा बढ़ाया है।

रिपोर्ट में भारत में मुंबई और कोलकाता, चीन में गुआंगझो और शंघाई , बांग्लादेश में ढाका, म्यांमार में यंगून, थाईलैंड में बैंकाक और वियतनाम में हो ची मिन्ह सिटी और हाइ फोंग को चिह्नित किया गया है आशंका जताई गई है कि 2050 तक बांग्लादेश, चीन, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपीन में ‘स्टॉर्म सर्ज जोन’ होंगे और इसके चलते पांच करोड़ 80 लाख लोगों की जान खतरे में होगी।