बैंक में ये शख्स जमा कराएगा 40 लाख के चिल्लर

नई दिल्ली ( 9 दिसंबर ): 40 लाख के चिल्लर बैंक में जमा करवाने के लिए एक शख्स बैंक पहुंचा तो बैंके ने जमा करने से इनकार कर दिया। उसके बाद उस शख्स ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील की। केस की सुनवाई के दौरान गुरुवार को बैंक ने प्रपोजल रखा कि 1 जनवरी के बाद हर दिन 5-5 हजार रुपए के चिल्लर लेने को वह तैयार हैं।

चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस राजन राय की बेंच ने याचिकाकर्ता की सहमति पर बैंक को हर दिन 5 हजार के चिल्लर जमा करने के निर्देश दिए।

मि‍ल्‍क मेड कंपनी के को-ऑनर संदीप आहूजा ने रिट में कहा कि उसके पास 1, 2 और 10 के सिक्कों में 40 लाख के चिल्लर हैं, जिसे बैंक वालों ने जमा करने से मना कर दिया। वकील अखि‍लेश कुमार ने कहा, "जब संदीप एसबीआई की मि‍ल एरि‍या ब्रांच और इलाहाबाद बैंक की हुसैनगंज ब्रांच गए तो वहां 40 लाख का चिल्लर लेने से मना कर दिया गया।"

एसबीआई के एडवोकेट सुदीप सेठ और इलाहाबाद बैंक के एडवोकेट वि‍नय शंकर ने कहा कि नोटबंदी के चलते बैंक पहले ही काम के बोझ से दबे हैं। "इन सिक्कों को गिनने में काफी समय लगेगा, वर्क प्रेशर के चलते अभी बैंक के पास समय नहीं है।"बैंक ने 1 जनवरी के बाद 3 से 4 बजे के बीच हर दि‍न 5-5 हजार रुपए का चि‍ल्‍लर जमा लेने का प्रपोजल रखा। कोर्ट में संदीप अहूजा ने बैंक के प्रपोजल पर सहमति दे दी।

कोर्ट ने आरबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इस मसले से अवगत कराने को कहा। नि‍र्देश दिए कि‍ वे देखें कि कस्टमर के पास इतने सिक्के कैसे इकट्ठा हो गए। इस डिपॉजिट के पीछे कोई अन्य मंशा तो नहीं है?