अपने ही घर में घिरे राष्ट्रपति ट्रंप, 4 राज्यों ने भेजा कानूनी नोटिस

नई दिल्ली(1 फरवरी): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 7 मुस्लिम देशों के लोगों के यूएस में एंट्री वाले ऑर्डर पर मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। सैन फ्रांसिस्को के बाद अब मैसाच्युसेट्स, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया ने ऑर्डर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

- इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को लेकर अमेरिका में कई कई प्रदर्शन हो चुके हैं।

- खबर के मुताबिक, अमेरिकी संविधान धार्मिक आजादी की गारंटी देता है। इसी को आधार बनाकर ऑर्डर के खिलाफ स्यू नोटिस जारी किया है। ऑर्डर को अमेरिकी कॉन्स्टिट्यूशन का वॉयलेशन करने वाला बताया गया है।

- ट्रम्प के ऑर्डर के खिलाफ खड़ा होने वाला सैन फ्रांसिस्को पहला अमेरिकी राज्य था, जिसने ट्रम्प के ऑर्डर का विरोध 

किया।

- ट्रम्प के ऑर्डर के खिलाफ अमेरिका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। लोगों ने इसे भेदभाव करने वाला बताया था।

- हालांकि, सोमवार और मंगलवार को कराए गए एक पोल में 49% लोगों ने ऑर्डर को सपोर्ट और 41% इसके खिलाफ थे।

-मैसाच्युसेट्स-वर्जीनिया की अटॉर्नी जनरल मॉरा हीली के मुताबिक, "ऑर्डर को एक तरह से आप कॉन्स्टिट्यूशन का वॉयलेशन कह सकते हैं।"

- बोस्टन प्रेस कॉन्फ्रेंस में हीली ने कहा, "ये ऑर्डर लोगों को उनके धर्म के आधार पर बांटता है। जिस धरती पर कोई शख्स पैदा हुआ है, इस बेस पर भी ऑर्डर लोगों को अलग करता है है।"

- हीली ने बताया कि न्यूयॉर्क और वर्जीनिया ने भी अपने फेडरल कोर्ट में ऑर्डर के खिलाफ केस दायर किया है।

- वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल मार्क हेरिंग के मुताबिक, "हमारी कॉलेजों-यूनिवर्सिटीज में बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके चलते वे लौट नहीं पाएंगे। हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं।"