इन चार ट्रेनों से बदल गया रेल का सफर...

नई दिल्ली (30 जुलाई): रेलवे  में सुधार की कवायद तेज हुई है। इसी के तहत चार ऐसी ट्रेनें चली हैं,जो भारतीय रेल में सफर के अहसास को बदल देंगी। भारत को तीन ऐसी सुपरफास्ट ट्रेनें और एक स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन मिली है, जो यात्रियों को लग्जरी सुविधाएं मुहैया कराएंगी और स्पीड में भी खासी तेज होंगी

- टैल्गो: कम वजन की इस ट्रेन को स्पैनिश फर्म ने मैन्युफैक्चर किया है। मथुरा-पलवल के बीच ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर तय किया है। इस ट्रेन ने 86 किलोमीटर का सफर महज 39 मिनट में तय कर लिया। इस तरह यह ट्रेन भारत की सबसे गति वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस से भी आगे निकल गई है। दिल्ली-मुंबई के बीच फाइनल ट्रायल के बाद इसे चलाने पर विचार किया जाएगा। यह ट्रायल 1 से 5 अगस्त के दौरान होगा।

- गतिमान एक्सप्रेस: यह देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है। इस ट्रेन में लिंक हॉफमैन बुश कोच लगे हैं। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह ट्रेन फिलहाल दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा के बीच शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन चलती है। इस ट्रेन में एसी चेयर कार का किराया 750 रुपये है, जबकि एग्जिक्यूटिव चेयर कार का 1500 रुपये किराया है। इसमें दो एग्जिक्यूटिव एसी चेयर कार और 8 एसी चेयर कार कोच है।

- महामना एक्सप्रेस: वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन रेलवे के मॉडल रेक प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। मॉडल रेक प्रॉजेक्ट के तहत पिछले 10 से 12 सालों से रेलवे में चल रहे सात तरह के कोचों को दोबारा सजाया गया है और उनको रीडिजाइन किया गया है।

- टाइगर एक्सप्रेस: 5 जून को लॉन्च की गई यह ट्रेन भारत की पहली सेमी-लग्जरी ट्रेन है, जो टूरिस्ट सर्किट पर चलेगी। इसमें डाइनिंग कार, बाथरूम और लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। इसके अलावा इसके पैकेज में एयर-कंडीशंड रूम भी शामिल हैं, जो तीन सितारा होटलों के स्तर के होंगे। यही नहीं यात्रियों के बीमे का भी इंतजाम है।